पेयजल के लिए तरसता हरिजन बस्ती

0
255

दुमका: जिले के अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड के बरमसिया पंचायत में चोरडीहा नाम के हरिजन बस्ती में पीने के पानी के लिए इन दिनों हाय तौबा मचा हुआ है| यहां बसे दलितों का कहना था कि हरिजनों की स्थिति पीओ फेको कप के समान है| चुनाव के समय वोट ले लो और भगवान के भरोसे मरने के लिए छोड़ दो!

हरिजनों की विशाल जनसंख्या वाला यह गांव महज एक चापाकल के भरोसे अपनी पेयजल की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है| यहां के 110 घर के लोग जल संकट को लेकर कई बार अपने क्षेत्र के मुखिया से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन हमारे यहां की व्यवस्था इन उपेक्षितों को सुनने के लिए तैयार ही नहीं है तभी तो दुमका देवघर मुख्य मार्ग पर स्थित यह गांव पानी की समस्या से जूझ रहा है|

ज्ञात हो कि इस गांव के सिंह द्वार पर ही संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगी हुई है जिस बात पर भीमराव अंबेडकर साहब इन उपेक्षितों को न्याय दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे वही आज हाशिए पर है| इस समस्या पर गांव के लोगों का मत था कि प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन तक कोई तो मेरी इस पुकार को सुनें इस संबंध में तापस दास, सिकंदर दास, श्रवण दास, उमिया देवी, खुशियां देवी, चरक दास, प्रमिला देवी, भूत्वा देवी, दिव्या देवी, तिर्की देवी, नारायण दास का कहना था कि हरिजनों के नाम पर भाति भाति की सरकारी योजनाएं चल रही है लेकिन हरिजन बस्ती में आज पीने का पानी उपलब्ध नहीं है ।

 

रिपोर्ट- धनंजय कुमार सिंह

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here