डॉ. हर्षवर्धन ने सीएसआईआर-नेशनल केमिकल लेब्रोट्ररी, पुणे में मैजिक प्रोसेस लैब का उद्घाटन किया |

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harshvardhanकेंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कल शाम पुणे के सीएसआईआर-नेशनल केमिकल लेब्रोट्ररी में (सीएसआईआर-एनसीएल) में अनोखे मैजिक (एमएजीआईसी- मॉड्यूलर, एजाइल, इन्टेंसिफाइड एंड कंटीन्यूस) प्रोसेस लैब का उद्घाटन किया। इस प्रयोगशाला का उद्घाटन करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मैजिक प्रोसेस और ये संयंत्र भविष्य में फाइन और स्पेशियलिटी केमिकल के भविष्य के परिचालन को बदल कर रख देंगे।

पिछले तीन दशक के दौरान वैश्विक फाइन एंड स्पेशिलियटी केमिकल उद्योग ने अपना विनिर्माण आधार पश्चिमी दुनिया से भारत और और चीन की ओर कर लिया है। सीएसआईआर-एनसीएल में विकसित प्रोसेसेस अब तक इस्तेमाल हो रहे प्रोसेस टेक्नोलॉजी को आधुनिक प्रोसेसेस में बदल सकती है जो पहले से साफ, पर्यावरण सुरक्षित, सुरक्षित, सुगठित, मापे जाने लायक और किफायती है। परिणामस्वरूप मैजिक प्रोसेसेस में देश को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में एक वैश्विक पावरहाउस में बदल देने की क्षमता है। इससे अगले कुछ साल में वैश्विक स्तर पर रसायनों के उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी मौजूदा तीन प्रतिशत से बढ़ कर पांच प्रतिशत तक हो जाएगी। डॉ. हर्षवर्धन ने देश के रसायन उद्योग से इस राष्ट्रीय सुविधा का इस्तेमाल करने और इस क्षेत्र में निर्धारित देश के लक्ष्य को हासिल करने में मदद देने की अपील की।

डॉ. हर्षवर्धन ने सुबह सीएसआईआर-एनसीएल के नेतृत्व से बातचीत की। सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. गिरीश साहनी ने सीएसआईआर में शुरू हुए इस नए कार्यक्रम के बारे में उन्हें जानकारी दी। माननीय मंत्री महोदय का स्वागत करते हुए सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. विजयमोहन ने बताया कि यह संस्थान असर पैदा करने वाली प्रौद्योगिकी को सामने लाने की अपनी क्षमता और ताकत का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 1950 में संस्थान की शुरुआत से लेकर अब तक के इसके इतिहास और उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए सीएसआईआर-एनसीएल के उप निदेशक डॉ. विवेक रानाडे ने कहा कि संस्थान का ध्यान बेहद बुनियादी स्तर पर रसायनों और इससे जुड़े विज्ञान की दिशा में खोज करना है। साथ ही नई और अब तक ज्ञात प्रौद्योगिकी को उद्योग और समाज में नए तरीके से इस्तेमाल करने पर भी इसका पूरा ध्यान है।

सीएसआईआर-एनसीएल के कर्मियों को संबोधित करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि संस्थान की तारीफ की और कहा यह देश के मौजूदा समस्याओं की निपटने में मदद के लिए प्रभावी समाधान देता रहा है। उन्होंने रंगों, एग्रो केमिकल, कीटनाशक, दवाओं और फाइन एंड स्पेशलियटी केमिकल और इससे जुड़े उद्योगों की बढ़ोतरी में संस्थान के योगदान की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि संस्थान ने जनरल इलेक्ट्रिक, सेबिक, सोलवे, ड्यू पोंट और सिलेनिज जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को पेटेंट और नई प्रौद्योगिकी देकर वैश्विक मानदंड स्थापित किया है। उन्होंने भारतीय अकादमिक और औद्योगिक शोध और अनुसंधान केंद्रों में सबसे ज्यादा पेंटेट दाखिल करने और अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी जर्नलों में सबसे ज्यादा पेपर प्रकाशित कराने के लिए सीएसआईआर- एनसीएल की प्रशंसा की। हालांकि उन्होंने सीएसआईआर- एनसीएल को इस बात के लिए भी सजग किया कि भले ही पिछला योगदान कितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो लेकिन उन्हें लेकिन लीक से हट कर शोध और नवाचार की कोशिश में लगे  रहना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिकों को नए शोध करना चाहिए ताकि देश की जरूरत भी पूरी हो और वह चुनिंदा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे भी रहे।

मैजिक लैब की प्रदर्शनी के दौरान मैजिक कार्यक्रम के  तहत प्रोसेसेस और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री महोदय ने यहां मैजिक रियेक्टरों के जरिये प्रमुख रासायनिक प्रतिक्रियाओं जैसे नाइट्रेशन, डाइजिटजेशन, अल्कलाइएशन, इस्टरीफिकेशन और हाइड्रोनाइजेशन को भी अवलोकन किया। इनमें से कई प्रक्रियाओं को उद्योग में शामिल कराया जा चुका है और बाजार में उतारे जाने के विभिन्न चरण में हैं। इससे पूरे देश में छोटे और मझोले रसायन उद्योग को फायदा होगा। इससे इन उद्योगों को फायदा भी होगा और पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी रूकेगा।

मंत्री महोदय ने सीएसआईआर के सूचना उत्पादों के शोध और विकास इकाइयों की गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने इसकी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

सीएसआईआर-नेशनल केमिकल लेब्रोट्ररी (http://ncl-india.org), पुणे एक शोध, विकास और परामर्शदात्री संस्थान है जो रसायन और पदार्थों पर अपना ध्यान केंद्रित कर काम  करता है। उद्योगों के साथ शोध भागीदारी में इसका बेहद सफल रिकार्ड है।

Source – PIB

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