दुद्धी क्षेत्र के पीपरडीह बालू साइड पे बिना परमिशन के अबैध खनन में लगी पांच पोकलेन क्षेत्र में मचा हड़कम्प ।

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सोनभद्र(ब्यूरो)- एक तरफ जहां शासन प्रशासन द्वारा अवैध खनन रोकने के लिए बड़े बड़े दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनका दावा जमीनी स्तर पर हवा हवाई साबित हो रहा है| जिसका जीता जागता उदाहरण दुद्धी तहसील क्षेत्र के पीपरडीह बालू साइड का है जहां पर पांच-पांच पोकलेनो से बालू उठान किया जा रहा था। जिस पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल सयोंजक प्रेम नारायण सिंह मोनू के नेतृत्व में आज दो दर्जन की संख्या में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता व जाबर, पिपरडीह प्रधान ने अवैध रूप से उठ रहे बालू उठान को रोक दिया। जिससे उक्त खनन क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

इस दौरान मौजूद मजदूर उक्त स्थान पर पहुंचकर मशीनों के सामने खड़ा होकर नारेबाजी करने लगे।मजदूरों का आरोप था कि जब से यह बालू साइड प्रारंभ हुआ है तब से हम सभी को काम नहीं मिल रहा है। अगर हम सभी काम के लिए कहते हैं तो वे लोग हमे मजबूर समझ कर कम मजदूरी देते है। जिसका हम सभी कई दिनों से बिरोध कर रहे है पर कोई हमारी सुनने वाला नही है।

वही युवा मोर्चा के मंडल सयोंजक प्रेम नारायण व देहात मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया कि यहाँ पर 3 साइडों में से केवल एक साइड ही टेण्डर प्रक्रिया के अन्तर्गत आया है जिसमे 60 हजार घन फ़ीट के अंदर ही बालू का उठान करना है लेकिन सीमा क्षेत्र से बाहर पीपरडीह बालू साइड से इतर शाहपुर क्षेत्र से बालू का अवैध रूप से उठान कराया जा रहा है। विदित हो कि पीपरडीह की तीन साइडों पर टेंडर प्रक्रिया होनी थी लेकिन केवल एक ही पर टेंडर हुआ और दो साइड नही हुए लेकिन टेंडर एक साइड का हुआ और उठान दोनो साइड पर हो रहा है।उसके अलावा शाहपुर क्षेत्र से भी बालू का उठान किया जा रहा है जो पूर्णतया गलत है।बालू उठान में 5–5 पोकलेन मशीन लगे हुए है। यह भी गलत है। मजदूरों को कम मजदूरी देकर उनका शोषण किया जाता है। अगर उतने मजदूरी में मजदूर काम नहीं करता है तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है और मशीन से पूरा कार्य कराया जाता है। जब इस बात की शिकायत खान अधिकारी से की जाती है तो उनके द्वारा कहा जाता है कि देखते है जाँच करवाते है। जाँच करवाते तक पता चलेगा कि पूरा बालू उठ गया और जाँच में सबकुछ ठीकठाक दिखा दिया जाएगा। जिससे खनन विभाग की भी भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। इस मौके पर गोरखनाथ अग्रहरि, सेक्टर अध्यक्ष जावर प्रधान डोमन प्रसाद, पीपरडीह प्रधान श्रवण कुमार, सुमित सोनी, गौरव सोनी, आलोक सोनी, मनीष कुमार जायसवाल, योगेश यादव, चिंटू जौहरी, रजत राज, रितेश कुमार, महानंद पटेल, भानु प्रताप सिंह, राज जौहरी के साथ काफी संख्या में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

बालू साइड पर काम कर रहे मजदूर कामेश्वर चेरो, प्रदीप कुमार पनिका, रवि प्रकाश, मानिक चंद्र, टुनटुन मैप, अखिलेश मौर्या व अन्य मजदूरों ने कहा कि पूर्व में जब बालू की साइड चल रही थी तो छह छक्का चक्का ट्रक की लोडिंग करने पर 2 हजार, 10 चक्का लोडिंग पर 2 हजार पांच सौ रुपए दिए जा रहे थे परंतु इस समय 6 चक्का ट्रक के लोडिंग पर 8 सौ रुपया, 10 चक्के के लोडिंग पर 13 सौ रूपये दी जा रही हैं जो कि बहुत कम है। इतने कम मजदूरी में काम करा कर ठेकेदार द्वारा हम सभी का शोषण किया जा रहा है। एक ट्रक के लोड करने में 20 मजदूर कम-से-कम लगते हैं। उस तरह से अगर जोड़ा जाए तो एक मजदूर पर बहुत कम बचत होता है। हम सभी की मजदूरी निर्धारित मूल्य के अनुसार ही मिलनी चाहिए।

जावर शाहपुर के प्रधान व ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि में पीपरडी साइड से बालू उत्खनन कराया जा रहा है जो कि खनन नियम से बिल्कुल गलत है। इस साइड से बालू लोड करने वाली सैकड़ों ट्रकें इस गांव से होकर गुजरती है जो सिंगल रोड है। रोड के किनारे किनारे काफी घनी बस्तियां है बीती रात बालू लोड करके आ रही ट्रक गांव में स्थित एक घर के समीप पलट गई। जिससे एक बड़ी दुर्घटना होते होते बच गया।

ग्रामीणों ने बताया कि जब बालू लोड करके ट्रकें इधर से गुजरती हैं तो पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं बचता है उसमें भी रोड की स्थिति बहुत दयनीय है। काफी ऊबड़-खाबड़ व गड्ढा युक्त है हो सकता है कि रात्रि होने के कारण ट्रक किसी घर पर पलट जाए और एक बड़ी घटना हो सकती है| मौजूद भाजपाइयों ने बताया कि यह बालू साइड में उत्खनन कार्य जहां पर कराया जा रहा है वह बिल्कुल से अवैध है।यह जब से यह प्रारंभ हुआ है तब से अभी तक बालू उठान का कोई सीमांकन नहीं किया गया जो कि बिल्कुल अवैध व नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बदल गई परंतु अधिकारियों का मंसा नहीं बदली। इस अवैध बालू खनन में खानअधिकारी के द्वारा कोई भी कार्रवाई न करना उनकी भूमिका को संदिग्ध बनाता है।

भाजपा के पूर्व महामंत्री सुरेंद्र अग्रहरि ने बताया कि बालू ठेकेदारों द्वारा बिना परमिशन के बालू पोकलेन के सहारे नदी के कुछ ही दूरी पर एकत्रित किया जा रहा है जोकि अवैध खनन माफियाओं की मंशा को दर्शाता है।कहां की आश्चर्य तो तब होता है जब यह सब अवैध कार्य इतने बड़े पैमाने पर शासन प्रशासन के नाक के नीचे तेजी से खुल्लमखुल्ला कराए जा रहे हैं पर शासन प्रशासन द्वारा इन अवैध कार्य करने वाले लोगों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। और जब यह कार्य कोई ट्रैक्टर वाला करता है तो प्रशासन द्वारा उसे पकड़कर भारी जुर्माना लगा दिया जाता है यह सौतेला व्यवहार नहीं है तो क्या है।

रिपोर्ट – ज़मीर अंसारी

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