स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कालाजार के मरीजों को किया चिन्हित

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बलिया(ब्यूरो)- लखनऊ से पहुंची स्वास्थ्य विभाग व विश्व स्वास्थ्य संगठन की सात सदस्यीय टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कालाजार के मरीजों को चिह्नित किया। विभिन्न क्षेत्रों में दौरे के लिए तीन टीम बनाई गई है। टीम जिले में तीन दिनों तक रहकर सभी क्षेत्रों में इसकी पड़ताल करेगी। इसमें मंगलवार को रेवती क्षेत्र में निकली एक टीम को कालाजार के पांच मरीज मिले।

कोआर्डिनेटर डा़. रश्मि शुक्ल ने कहा कि जिले के सभी गांवों में इसकी बारीकी से पड़ताल की जाएगी। यह रोग मूल रूप से बालू मक्खी के काटने से होता है तो दीवारों के दरार व गोबर आदि गंद्गी में रहती हैं। इसलिए इसको गरीबों की बीमारी भी कहा जाता है। इसके काटने से बीमारी के लक्षण में पेट में सूजन, तिल्ली बढ़ने, लगातार बुखार रहने, भूख न लगने, शरीर का वजन लगातार गिरने, शरीर काला पड़ने आदि की दिक्कत होने लगती है। ऐसे में 15 दिन से अधिक यदि किसी को भी बुखार रहता है तो वो तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में जाकर इसकी जांच करा लें। यह रोग टीबी व एचआइवी के मरीजों पर अधिक अटैक करता है। इसका इलाज काफी महंगा है, जिससे विश्व स्वास्थ्य संगठन इसका मुफ्त इलाज देता है।

रिपोर्ट- सन्तोष कुमार शर्मा

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