बाबरी विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी तथा उमा भारती सहित अन्य पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई कल तक के लिए टली

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नई दिल्ली (ब्युरो)
– बाबरी विध्वंस मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित तकरीबन 13 अन्य नेताओं के ऊपर आपराधिक साजिश रचने के मामले पर बुधवार को होने वाली सुनवाई को एक दिन के लिए टाल दिया गया है। दरअसल आपको बता दें कि बुधवार को जस्टिस रेहिंगटन की कोर्ट में उपस्थिति ना होने की वजह से सुनवाई को 1 दिन के लिए टाला गया है।

गौरतलब है कि 1992 में हुए बाबरी विध्वंस मामले में बाबरी ढांचा ढहाए जाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती तथा विनय कटियार सहित अन्य तकरीबन 13 नेताओं के ऊपर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। उक्त मामले पर सुनवाई करते हुए वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इन सभी नेताओं के ऊपर से इस आरोप को हटा दिया था तथा इन्हें निर्दोष करार देते हुए देते हुए इन्हें बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा दिए गए इसी निर्णय पर सुनवाई होनी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि महज टेक्निकल ग्राउंड पर इन लोगों को राहत नहीं दी जा सकती है उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का ट्रायल तो चलना ही चाहिए।

मस्जिद ढहाए जाने के मामले में दो अलग-अलग कोर्ट में चल रही सुनवाई को क्यों ना आज एक जगह सुना जाए ?
बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में दो अलग-अलग अदालतों में चल रही सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि, क्यों ना रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई को भी लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाए जहां पर कारसेवकों से जुड़े हुए मामले की पहले से ही सुनवाई चल रही है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने विरोध करते हुए कहा था कि यदि इस मामले को रायबरेली की जगह लखनऊ ट्रांसफर किया जाता है तो एक बार फिर से सुनवाई में शामिल होने वाले 183 गवाहों को बुलाना पड़ेगा जोकि बहुत ही मुश्किल है अतः जहां पर सुनवाई चल रही है वहीं पर चलती रहनी चाहिए और कोर्ट को अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर दिया था बरी-
दरअसल आपको बता दें कि 1992 में हुए बाबरी विध्वंस मामले में भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा के वयोवृद्ध नेता मुरली मनोहर जोशी सहित अन्य विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के ऊपर आपराधिक साजिश रचने के मामले पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने चल रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह फैसला सुनाया था कि उक्त सभी नेताओं का इस मामले में कोई भी लेना देना नहीं है। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इन सभी के ऊपर से यह सभी चार्ज हटा दिए थे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महेश टेक्निकल ग्राउंड पर इन सभी लोगों को राहत नहीं दी जा सकती है इनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का ट्रायल तो अवश्य होना चाहिए।

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