श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की सिद्धि होती है – योगेश्वर प्रभाकर

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दलसिंहसराय/समस्तीपुर (ब्यूरो)- दलसिंहसराय के पगरा में राम जानकी काली स्थान के प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत भागवत कथा में आज श्री योगेश्वर प्रभाकर महाराज जी ने तीसरे दिवस की कथा में बतलाया पंचम वेद है श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से धर्म अर्थ काम मोक्ष चारों की सिद्धि होती है । ईश्वर कृपा से ऊंची है। संत कृपा यदि संत कृपा हो जाए तो भगवंत कृपा तो रातो रात हो जाती है।

संत की कृपा से अल्प आयु में श्री ध्रुव महाराज ने मात्र 6 महीने में भागवत दर्शन कर लिया संत कल्याण प्रातः करने हेतु मार्ग को बतलाते हैं । चलना जीव को ही पड़ता है । जिस मानव ने अपने जीवन में भागवत प्रातः महापुरुषों के चरण सना दी स्वीकार किया उनका कल्याण निश्चित है कथा के प्रसंग में महाराज श्री ने कपिल देव भूति संवाद द्वारा अवतार की कथा सती चरित्र राजा अंग राजा वेन राजा पुरंजन जर भरत प्रभु गण उत्तरायण आदि की कथा विस्तार से सुनाए जड़ भरत चरित्र में महाराज श्री ने बतलाया अनंत जन्मों को पुनः पूंजी भूत होने पर जीव का जन्म भारत वर्ष में होता है ।

भारतवर्ष में जन्म लेने के लिए देवता भी तरसते हैं ।भा- माने ने ज्ञान रत मने लीन रहना। जिस देश के लोग ज्ञान रत हो आभा प्रतिभा साधना स्वादिया रत हो उस देश का नाम है भारत वह परमात्मा तो एक ही है लेकिन बिलक बिलक स्वरूपों में दिखाई देने के कारण विभिन्न प्रतीत होता है जैसे मिट्टी उसी मिट्टी के खिलौने घरे आदि बनाए जाते हैं लेकिन टूटने के बाद फिर से मिट्टी हो जाते हैं वैसे ही परमात्मा भी एक स्वरुप है।

कल कथा की चतुर्थ दिवस में श्री कृष्ण भगवान का जन्म दिवस मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां आज से ही धूमधाम से की जा रही है कथा के मुख्य यजमान पारस नाथ सिंह राम स्नेही सिंह संजीव सिंह मनोहर सिंह चुलबुल मुकुंद दिगम्बर मधुसूदन सिंह अमरेश सिंह अब्देध सिंह सत्संग भारद्वाज अमन कश्यप हर गौरी सिंह घनश्याम सिंह पुरुषोत्तम सिंह सतीश सिंह गोपाल जी पुजारी हरीनाथ झा।

रिपोर्ट – आर. कुमार

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