जमकर बरसे मेघ, डूब गए शहर के चौराहे

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वाराणसी (ब्यूरो) मंगलवार को धर्मनगरी काशी में मेघो ने उमड़-घुमड़ कर जमकर पानी बरसायें। लोगों को उमस और गर्मी से जहा निजात मिली वही शहर के कई इलाकों में जलजमाव शुरु हो गया। घंटों हुई बारिश में बीएचयू का मुख्यद्वार जलमग्न हो गया। वही कबीर नगर सहित मोहल्लों में पानी भर आया।

कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो होने लगा तो कई क्षेत्रों में आईपीडीएस द्वारा अंडरग्राउंड कैविलिंग के नाम पर खोदाई करके छोड़े गए सड़क पर फिसलन बढ़ गई। सड़क और सीवेज दुरुस्त करने के नाम पर भी शहर की कई सड़के खुदी पड़ी है जिससे जलजमाव के बाद दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है।

मंगलवार को हुई झमाझम बारिश में गर्मी की छुट्टियों के बाद विश्वविद्यालयों में आए छात्र-छात्रों ने जमकर बारिश का लुत्फ उठाया। इसके साथ ही घाटों पर भी चहलकदमी बढ़ गई। दुर्गाकुंड, कबीरनगर, शिवाला, खोजवां, बजरडीहा और रेवडीतालाब में भारी जलजमाव हुआ है।

इसके साथ ही नगर-निगम के लिए चुनौती है कि वह समय से कूड़ों का उठान शुरु कराये अन्यथा सड़ांध की समस्याएं जटिल होगी और महामारी को आमंत्रित करेंगी।

बारिश शहर में भले ही मुसीबत बन गयी हो। लेकिन गांव के सीवान रोपनिहार (धान के नर्सरी की रोपाई करने वाली मजदूर औरतों) की गीतो से गुलजार हो गया है। सीवान में स्थित खेतो में घुटने से उपर पानी में किसान ट्रैक्टर से खेत जोत जहां रोपाई के लिए तैयार कर रहे हैं। वहीं तैयार खेत में रोपनिहार रोपनी में जुटी रही। बीएचयू के कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि अब किसानों के लिए यह बारिश वरदान बन के आयी है। उन्हें बिना देर किये धान की रोपाई का काम पूरा कर लेना चाहिए।\

रिपोर्ट – सर्वेश कुमार यादव

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