सड़क पर फर्राटा भर रही गाड़ियां, अब तक जा चुकी हैं सैकड़ों जानें

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नोएडा : गौतमबुद्ध नगर की सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहन ही नियमों के उल्लंघन की वजह से जानलेवा साबित हो रहे हैं। वर्ष 2016 में जिले में एक्सप्रेस वे पर सबसे अधिक सड़क हादसे हुए। हादसा रोकने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से किए गए प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में एक हजार से अधिक सड़क हादसे हुए। इसमें 300 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि साढ़े छह सौ लोग घायल हुए। अधिकांश हादसों की मुख्य वजह बेकाबू रफ्तार और नियमों के उल्लंघन ही थे।

भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से हो रही मौतें 

एक्सप्रेस- वे के अलावा डीएससी रोड, ग्रेटर नोएडा व दादरी की सड़कों पर भारी वाहन बेलगाम दौड़ रहे हैं। वहीं नोएडा में खासकर मॉडल टाउन, सेक्टर 60, सेक्टर 71, 12-22 चौराहा, डीएनडी मार्ग, एनएच, छिजारसी कट पर अधिक हादसे हो रहे है। यातायात पुलिस ने इसे ब्लैक स्पॉट के रूप में भी चिह्नित किया है। यहां भी यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हादसे हो रहे हैं। नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई भी नहीं हुई। विभाग के अनुसार, शहर में सबसे अधिक भारी वाहनों से होने वाले सड़क हादसे में मौत हुई है। लेकिन भारी वाहनों की रफ्तार रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उधर, दो पहिया वाहन चालक बिना हेल्मेट लगाए विपरीत दिशा से वाहन लेकर दौड़ते रहते हैं। ये दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित होते हैं।
एक्सप्रेस वे पर कोहरे की वजह से हो रहा हादसा : ठंढ में यमुना एक्सप्रेस वे, नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर कोहरे के साथ रफ्तार जानलेवा हो रहे हैं। इस दौरान खराब पड़े वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, कोहरा और धुंध के समय पीछे से तेज रफ्तार से आने वाले वाहन चालकों को नजर नहीं आता और हादसे के शिकार हो जाते हैं। हालांकि कोहरे में हादसों को रोकने के लिए विभाग के तरफ से अधिकांश गाड़ियों में रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं और खराब पड़े वाहनों को हटाने के लिए क्यूआरटी टीम लगाई गई है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही हादसे की वजह बन जाती है।

यहां होते हैं सबसे अधिक हादसे 

यमुना एक्सप्रेस -वे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस- वे, डीएनडी रोड, महामाया फ्लाई ओवर, शशि चौक, हाजीपुर अंडर पास, एल्डिगो कट, परीचौक, जीरो प्वाइंट, सेक्टर 71 चौराहा, छिजारसी कट, लेबर चौक, सेक्टर 82 कट

पिछले कुछ वर्षो में गाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसकी अपेक्षा सड़क हादसे की संख्या कम हुई है। जिले में जो भी हादसे हो रहे हैं, उसका मुख्य कारण रफ्तार और नियमों के उल्लंघन हैं। यातायात नियमों की जागरूकता से ही सड़क हादसे रोके जा सकते हैं।

रिपोर्ट – सागर शुक्ला

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