हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल है लक्कड़ शाह की दरगाह

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मोतीपुर /बहराइच – कर्तनिया घाट वन्य जीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज के अन्तर्गत घने जंगलो के बीच स्थापित लक्कड़ शाह की दरगाह हिंदू मुस्लिम दोनो समुदाय के लिये आस्था का प्रतीक है मान्यता है कि यहां आकर अल्लाह से मांगी गयी हर दुआ ज़रूर पूरी होती है यही कारण है कि घना जंगल होने तथा यात्रा का कोई साधन न होने के बावजूद यहां वर्ष भर अकीदतमंदो का आवागमन होता रहता है।

मुर्तिहा रेंज में स्थित हज़रत सैयद हाशिम अली शाह की दरगाह जिंहे लोग लक्कड़ शाह बाबा के नाम से पुकारते है इस दरगाह पर सलाना जेठ मेला 18 मई शुक्रवार को सम्पन्न होगा। लक्कड़ शाह बाबा के बारे में मान्यता है कि आप सैयद सालार मसूद गाज़ी रह०अलैह के साथ बहराइच आये थे लक्कड़ शाह को एकांत पसंद था इसलिये आप यहीं जंगल में रूक कर अल्लाह की बंदगी करने लगे। धीरे धीरे लक्कड़ शाह बाबा के जनसेवा व चमत्कार से फायदा हासिल करबे वालो की संख्या बढ़ती गई बाद में लक्कड़ शाह बाबा के अनुयायियों ने मज़ार शरीफ का निर्माण कर दिया।

पूर्व विधायक स्व० फजलुर्रहमान अंसारी ने वक्फ बोर्ड में करवाया पंजीकरण-
पूर्व विधायक नानपारा स्व० फजलुर्रहमान अंसारी ने लोगो की आस्था तथा मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुये लक्कड़ शाह दरगाह का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में करवाया था इसके बाद उ०प्र० सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने दरगाह के ऐतिहासिक एंव पौराणिक महत्व को देखते हुये दरगाह की देखभाल हेतु अगस्त 2015 में 11 सदस्यीय मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर दिया।

सलाना उर्स में आये ज़ायरीनो के लिये दरगाह कमेटी की अोर से कंट्रोल रूम बनाया जाता है जिसके ज़रिये लोगो की समस्याओं को सुना जाता है तथा मौके पर उनकी मदद की जाती है। भारी भीड़ अौर गर्मी को देखते हुये लोगो के लिये जगह जगह पर शर्बत व पानी आदि की व्यवस्था करवाई जाती है।

पूरा दिन ज़ायरीनो को ढोती है प्राइवेट बसे-
लक्कड़ शाह के सलाना उर्स के मौके पर जनपद में चल रही प्राइवेट बसे मेले में आये ज़ायरीनो को लाने व ले जाने का काम करती है। जनपद की अधिकतम प्राइवेट बसो के मेला रूट पर लग जाने के कारण जिले के कई अन्य मार्गो पर प्राइवेट बसे कम हो जाती है।

नही खोया कभी कोई बच्चा-
घने जंगलो के बीच लक्कड़ शाह की दरगाह पर देश विदेश से लाखो की संख्या में लोग आते हैं इसे इस दरगाह का प्रत्यक्ष चमत्कार ही कहेंगे कि इतनी भारी भीड़ होने के बाद भी यहां से कभी कोई बच्चा नही गायब हुआ न ही जंगली जानवरो ने कभी किसी ज़ायरीन पर हमला किया।

मानसिक रोगियो व असाध्य रोग से निजात पाने के लिये डेरा डाल महीनो रूके रहते हैं मरीज-
इस दरगाह का सलाना उर्स साल में एक बार होता है जो आगामी शुक्रवार 18 मई को सम्पन्न होना है लेकिन इसके अलावा इस दरगाह पर मानसिक रूप से बीमार तथा गम्भीर रोग से पीड़ित लोग जंगल में ही तम्बू तान कर महीनो इस दरगाह की चौखट पर पड़े रहते है लोगो का मान्यता है कि इस दरगाह के फैज़ से उनकी बीमारिया दूर होती है तथा दिली मुरादे पूरी होती है।

बाघ के मुंह से सुरक्षित निकला बालक-
लक्कड़ शाह बाबा के चमत्कारो में से एक चमत्कार आज से कई वर्षो पहले हुआ था जिसे आज भी लोग याद रखे है मिहींपुरवा निवासी मोहम्मद आलम पुत्र जादू जब करीब 10 वर्ष के रहे होगे तब ये अपने परिवार के साथ दरगाह की ज़ियारत करने जा रहे थे जंगल के रास्तो में ही बाघ ने हमला कर आलम को दबोच जंगल में भाग गया । अचानक हुये इस हमले से परिवार वाले हतप्रभ रह गये परिवार की महिलाओं ने दरगाह पर रोना शुरू किया तथा बालक के पिता ने दरगाह पर मौजूद लोगो की मदद से अपने पुत्र को ढूंढना शुरू किया तो देखा कि जंगल में बालक जख्मी अवस्था में लेटा है अौर उसके कुछ दूर बाघ बैठा है लोगो की आहट सुनते ही बाघ लड़के को वहीं छोड़ कर चला गया।

इस घटना का भुक्त भोगी बालक मोहम्मद आलम आज करीब करीब 30 वर्ष के हो गये है मोहम्मद आलम बताते है कि आज भी उस घटना को याद कर मन सिहर जाता है बाघ के पंजो के निशान आज भी आलम के चेहरे पर मौजूद हैं।

मेला व्यवस्था पर सर्तक है प्रशासन-
उपजिलाधिकारी कुंवर वीरेन्द्र मौर्य ने बताया कि लक्कड़ शाह के मेले में एक लाख लोगो के पहुंचने की सम्भावना है जिसमें जनपद से 60 हजार व्यक्ति तथा 40 हजार सीमावर्ती राज्यों से लोग आते हैं भीषण भीड़ को देखते हुये मेला परिसर को तीन सेक्टर में बाटकर प्रत्येक स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किये गये हैं जो जन समूह व पुलिस के बीच सहयोगात्मक कड़ी का कार्य करेंगे सेक्टर प्रभारी के रूप में तहसीलदार अहमद फरीद, क‍ानूनगो सगीर अहमद तथा कानूनगो राम प्रसाद नियुक्त किये गये है

तहसीलदार अहमद फरीद को सम्पूर्ण मेला क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है-
उपजिलाधिकारी ने बताया कि सीएमअो बहराइच से मेडीकल कैम्प लगाने को कहा गया है, पुलिस क्षेत्राधिकारी को फायर ब्रिगेड हेतु, अधिशासी अधिकारी नानपारा को शुद्ध पेयजल, खंड विकास अधिकारी मिहींपुरवा को मेला परिसर साफ सफाई की विशेष जिम्मेदारी सौपी गई है।

रिपोर्ट- साकेत वर्मा

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