नलकूप पर सोने गए हिस्ट्रीशीटर की धारदार हथियार से हत्या

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डलमऊ (रायबरेली ब्यूरो): डलमऊ तहसील क्षेत्र में लगातार हुई तीन हत्याओं से क्षेत्रवासियों में दहशत ब्याप्त है। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के कोरौली दमां में गुरूवार की रात नलकूप पर सोने गए 72 वर्षीय वृद्ध की अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी। गुरूवार की सुबह शौंच के लिए गए ग्रामीणों ने शिवबक्श सिंह की बाग में एक शव पड़ा देखा। हत्या की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गयी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पहुंची डलमऊ कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जॉच शुरू कर दी।

मृतक पर दर्ज थे 1 दर्जन से अधिक मामले
गदागंज थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर बढ़ैया निवासी मृतक कन्हैया लाल बीती 20 वर्षों से कोरौली दमां निवासिनी मनोरानी देवी के घर रह रहा था। जिसकी गुरूवार की देर रात धारदार हथियार से हत्या कर दी गयी। मृतक वृद्ध के विरूद्ध गदागंज थाने में एक दर्जन से अधिक लूट, हत्या, डकैती, छिनैती व चोरी के मामले दर्ज है। गदागंज थाने में मृतक कन्हैयालाल 31ए हिस्ट्रीशीट नम्बर पर दर्ज है। हत्या की सूचना पर पहुंची डलमऊ पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर अपनी पड़ताल शुरू कर दी है।

आखिर किस रिश्ते से रह रहा था मृतक
मृतक के पुत्र करन ने बताया कि, उसकी माता का देहान्त हो चुका है। पिता 20 वर्षों से मनोरानी देवी के घर में रह रहे थे। मनोरानी से मृतक के सम्बंधों को लेकर करन ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वहीं ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, मृतक मनोरानी देवी के साथ कोर्ट मैरिज की थी। वहीं मनोरानी देवी ने मृतक को ससुराल पक्ष का होने के नाते घर में रहने की बात कही।

पुत्र की हत्या के बाद भी क्यों रह रहा था मृतक
मनोरानी देवी के पुत्र अमरेन्द्र की 9 वर्ष पूर्व हत्या हो गयी थी। जिसमें मृतक कन्हैया लाल पर जॉच पड़ताल के बाद अमरेन्द्र की हत्या करने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने अमरेन्द्र कुमार की हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। अमरेन्द्र की हत्या की बात भी मृतक ने कबूल की थी। पुत्र की हत्या के आरोप में जेल जाने के बावजूद मनोरानी देवी के घर में कन्हैयालाल रह रहा था। जिससे सहज ही मनोरानी देवी व मृतक के सम्बंधों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

हत्या के पीछे कहीं जमीन तो नहीं
मृतक कन्हैयालाल की हत्या के पीछे जमीन का विवाद होने को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है। जबकि, मनोरानी देवी ने बताया कि, मृतक का विवाद गदागंज थाना क्षेत्र के रहने वाले राजबहादुर, करन व बउवा से चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व मृतक मुकदमें की तारीख पर कोर्ट गया हुआ था। जहां तीनों ने उसे जान से मार देने की धमकी दी थी। जबकि मृतक के पुत्र करन ने अज्ञात लोगों पर पिता की हत्या करने का शक जाहिर किया है।
तो मृतक को था जान का खतरा

पिता की हत्या की सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची मृतक की पुत्री ने रोते समय बार-बार एक ही बात कह रही थी कि हम कहित रहेन कि बप्पा तुम हुवां न रहव, हुवां ठीक नही न अपने घर मा रहतेव तो यह दिन न देखय का परत। पुत्री के बार बार यही बात दोहराने से यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि मृतक को पहले से ही जान का खतरा था। मृतक कन्हैयालाल नलकूप पर सोने के लिए रात 8 बजे घर से निकला था। लेकिन नलकूप से करीब 200 मीटर दूर घटना स्थल पर क्यों गया था। ग्रामीणों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। हत्यारों ने वृद्ध पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ कई वार किए जिससे मृतक का सर छत विछत हो गया।

रात्रि गस्त न होने से बढ़ रहीं घटनाएं
सत्ता बदली नियम बदले लेकिन डलमऊ क्षेत्र में पुलिस का रवैया नहीं बदला। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में रात्रि गस्त नहीं हो रही है। रात्रि गस्त न होने से अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे है। घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भले ही शासन पैदल मार्च के निर्देश दे रखे हों लेकिन डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में पैदल तो क्या वाहनों से भी गस्त नहीं हो रही है। ग्रामीण शुभम, प्रकाश, औसान, आकाश आदि ने बताया कि, यदि पुलिस की रात्रि गस्त करती तो शायद हत्यारे इस तरह के जघन्य अपराधों को अंजाम न दे पाते। डलमऊ क्षेत्राधिकारी एसपी उपाध्याय ने बताया कि, हत्या में कोई जानने वाला ही शामिल प्रतीत होता है। जॉच की जा रही है शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

रिपोर्ट- राहुल यादव / सिद्धार्थ त्रिवेदी

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