काश… मुख्यमंत्री-सांसद इस पर शर्म करते

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राजनांदगांव छत्तीसगढ़ : काश.. मुख्यमंत्री और सांसद को किसानों की आत्महत्या के आंकड़े देखकर, सुनकर शर्म आती। काश… कवर्धा और राजनांदगांव जिले सहित छत्तीसगढ़ के किसानों को इस तरह से आत्महत्या नहीं करनी पड़ती। काश… छत्तीसगढ़ सरकार की नीति में किसान सबसे ऊपर होता। काश.. ये सब होता।

काश कहकर छत्तीसगढ़ सरकार, मुखिया और सांसद को यह चुनौती जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़-जे के किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष उदयराम नेताम ने दी है। नेताम ने इस बात पर आश्चर्य जताया है कि पिछले दो साल में प्रदेश के 252 किसान सरकारी आंकड़े के मुताबिक आत्महत्या करने मजबूर हुए हालांकि, ये आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने मुख्यमंत्री व सांसद को उनके अपने जिलों में किसानों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है।

कवर्धा-राजनांदगांव के आंकड़े चिंताजनक
मुख्यमंत्री का गृह जिला कवर्धा है। मुख्यमंत्री के सुपुत्र व सांसद राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मुख्यमंत्री विगत 15 सालों से राजनांदगांव जिले से ही विधायक चुने जाते रहे हैं। इसके बावजूद कवर्धा व राजनांदगांव जिले के किसानों की हालत बेहद कमजोर हुई है। नेताम ने इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि बाप-बेटे के गृह जिले कबीरधाम में शासकीय आंकड़े के मुताबिक 45 किसान दो साल के भीतर आत्महत्या कर चुके हैं। यह आंकड़ा इसलिए गौरतलब है कि इससे ऊपर सिर्फ सरगुजा जिला आता है जहां से 94 किसानों ने आत्महत्या की है। इसी तरह राजनांदगांव में 17 किसानों ने अपनी जान दे दी। इसके उपर सिर्फ बेमेतरा जिला है जहां के 33 किसानों ने खुदकुशी की है।

किसानों के लिए रकम नहीं और करोड़ों खर्च
नेताम ने किसानों की सूखा राहत और बोनस की मांग को दोहराते हुए कहा है कि कृषकों के लिए सरकार के पास रुपए नहीं है और इधर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं। राजनांदगांव शहर को बांटने वाले फ्लाईओवर पर एक बार फिर से 54 करोड़ रुपए का गैरजरुरी खर्च किया जा रहा है। इसी तरह दिग्विजय स्टेडियम के नवीनीकरण पर 19 करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं लेकिन किसानों के लिए सरकार के पास रुपए नहीं है।

किसान नेता उदय ने स्टेडियम और फ्लाईओवर को भी जरुरी बताते हुए कहा है कि यदि ये निर्माण तर्कसंगत होते तो हमें परेशानी नहीं थी लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री व सांसद का जीरो टोलरेंस पर यदि इतना ही नियंत्रण है तो स्टेडियम व फ्लाई ओवर में क्यूं कर भ्रष्टाचार हो रहा है। इधर, किसान मरने मजबूर हैं और भाषण पेलने के आदि हो गए हैं मुख्यमंत्री और सांसद। चेत जाओ नहीं तो माननीय अजीत जोगी की सरकार आएगी और हम तुम्हें चेता देंगे।

रिपोर्ट–हरदीप छाबड़ा

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