फार्मेसिस्ट व वार्ड ब्यॉय के सहारे चल रहा है अस्पताल

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हसनगंज/उन्नाव(ब्यूरो)- राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में एक दशक से तैनात महिला चिकित्सक के न आने से फार्मेसिस्ट व वार्ड ब्यॉय के सहारे अस्पताल चल रहा है, तथा चिकित्सक घर बैठे वेतन उठा कर सरकार को लाखो का चूना लगा रहे है।

हसनगंज बलाक के हसेवाँ गाँव मे स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल मे दवाओ का अकाल पडा रहता है ,जब सरकार से दवाये आती है तो चिकितसक महीने मे एक बार आकर रोज की हाजिरी लगा कर चले जाते है, हँसेवा भाजपा के पूर्व मंत्री मस्तराम का गाँव है, फिर भी चार बेड वाला आयुर्वेदिक अस्पताल खुद बीमार बना हुआ है, तथा मरीजो को फार्मेसिस्ट विजय यादव व वार्ड ब्वाय अमर सिंह मरीजो को दवाये देकर चलता कर देते है|

जबकि हसेवाँ गाँव के शिवराम विश्व कर्मा ने बताया तहसील दिवस मे दर्जनो बार शिकायत की और लेकिन महिला चिकित्सक अस्पताल न आकर बे खौफ होकर लखनऊ मे निवास पर क्लीनिक चला रही है ऐसा आरोप ग्रामीणों का है।

अधिकारी जाँच के नाम पर औपचारिकता कर फर्जी रिपोर्ट भेज देते है, जबकि सी एम योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सको के द्वारा निजी प्रेक्टिस पर पूरी तरह रोक लगाने का फरमान जारी किया है फिर भी डॉक्टरों का रवैया बदलने का नाम नही ले रहे है।

यही हाल तहसील मुख्यालय हसनगंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय में कहने को 8 लोगो का स्टाफ है जिसमे दो चिकित्सक , दो फार्मेसिस्ट, 1 स्टाफनर्स, 1 बार्डब्याय,और दो स्वीपर है लेकिन यहां के चिकित्सकों के न होने से मरीजो को फार्मेसिस्ट और स्टाफ नर्स तैनात है।

लेकिन असपताल मेचिकित्सक हफ़्तों मे आकर एक दिन हाजिरी लगाकर रजिस्टर का कोरम पूरा कर लेते है। गुरूवार को अकस्मात अस्पताल पहुचने पर नजारा ये पाया जाता है सभी चिकितसक नदारत रहे। जिससे महिला मरीज जमीन मे बैठ कर डाकटर साहब का इंतजार करती रही, मरीज बड़ी उम्मीद लेकर अस्पताल दवा लेने आते है, लेकिन चिकित्सक के न मिलने से उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ता है ।

सरकार ने ये बहुत सारी व्यवस्था कर रखी है लेकिन चिकित्सको की लापरवाही के चलते सब ध्वस्त है शासन ने मरीजो को आयुर्वेदिक उपचार के लिए 18 बेडो की व्यवस्था की है लेकिन चिकित्सको के न आने से बेडो में जंग लग रहा है और कूड़े की तरह पड़े हुए है, अस्पताल में भर्ती होना तो दूर दवा मिलना भी मुश्किल है।

वैसे तो चिकित्सक डा0 अरुण कुमार सिंह ,व् डा0 उपेंद्र कुमार की पोस्टिंग है,लेकिन एक भी चिकित्सक मौके पर नही मिला साथ ही एक फार्मेसिस्ट दिवाकर पांडेय भी नदारद रहे मौके पर फार्मेसिस्ट राधेलाल, स्टाफ नर्स सीता त्रिवेदी, वर्डब्वाय राम बहादुर समेत दो स्वीपर मिले, जानकारी लेने पर पता चला की सुबह से एक दर्जन मरीज आ चुके है।

चिकितसक से फोन पर बात करनी चाही लेकिन सवीच आफ बताता रहा।

रिपोर्ट-राहुल राठौर

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