मनुष्य को अपने कर्म का फल भोगना पड़ता है -पं0श्री राम शर्मा

0
119

जौनपुर (व्यूरो)- मनुष्य को अपने कर्म का फल भोगना पड़ता है—पं0श्री राम शर्मा, सुजानगंज कर्म फल का सिद्धांत मनुष्य को भोगना पड़ता है। चाहे वह भगवान का पिता,भाई , बहन ही क्यो न हो भोगना सभी को पड़ता है। मनुष्य जो भी कार्य करता है भोगना सभी को पड़ता है और हम अपने जीवन मे संस्कार को लाकर परिवार को कैसे। सुख ला सके। मानव जीवन की क्या सम्स्या। है। वह कैसी पूरी की जा सकती है।

गायत्री माता एक की नही है वह सबकी है। कर्म फल का आकाष्ठा सिद्धांत है उससे कोई बच नही पाया है। प्रज्ञा पुराण कई पुराणो का निचोड़ है। ए सारी समस्याओ का समधान है। उक्त कथा वाचक प्0श्री राम जी शर्मा ,एव विवेकानंद जी ,ने हीरा लाल प्रजापति के आवास गायत्री पुरम नरहरपुर सुजानगंज मे 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एव प्रज्ञा पुराण कथा के पाचवे दिन कही। जिसको उपस्थिति भक्तो ने बड़े शान्ति पूर्वक श्रवण किया। संगीतमय कथा मे अपना सहयोग दे रहे। गायक शिवकुमार दुबे ,सहायक गायक ,श्रस विन्द ,वादक पर ,राजेश द्रोही। इस अवसर पर डा0 सुरेशचंद्र प्रजापति डा0सुबाषचंद्र प्रजापति ,डा0गिरीशचंद्र प्रजापति ,डा0रमेशचंद्र प्रजापति, आदि उपस्थिति रहे।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here