मै उसे दर्द में तड़पता नहीं देख सकता, उसके लिए रोज 4 तो क्या 40 किमी भी पैदल चल सकता हूँ

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Rape

वह मेरी बेटी है मै उसे इस तरह दर्द में तड़पता हुआ नहीं छोड़ सकता मै उसे जल्द से जल्द ठीक होते देखना चाहता हूँ चाहे उसके लिए मुझे 4 नहीं 40 किलोमीटर पैदल चलना पड़े |

पूर्व सिंहभूम के हतियापाट गाँव में जुलाई में एक मजदूर की मासूम सी बेटी के साथ एक ट्रक ड्राईवर ने उसे चाकलेट दिलाने के भने से सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया जिसके बाद से बच्ची को काफी ज्यादा ब्लीडिंग होने लगी जिसके बाद उसे जमशेदपुर ले जाया गया और इसके बाद वहन से रांची रेफर कर दिया गया |

गहरे घावों  के कारण बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ा, जिसके बाद से उसे रोज ड्रेसिंग के लिए अस्पताल जाना पड़ता है, बच्ची के पिता पिछले दो महीने से रोज़ नौ साल की बच्ची को गोद में उठाकर अस्पताल जा रहें हैं | कोई मजदूर जो रोज कमाता रोज खता है के लिए यह कितना मुश्किल है आप समझ ही सकते हैं |

पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से भी कोई मदद नहीं मिली है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपए की अविलम्ब सहायता देने के आदेश दिए हैं |

हमारे देश में ना जाने कितने ही परिवार ऐसी विषम परिस्थितियों में जीने को मजबूर हैं |

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