मैंने तीन तलाक के खिलाफ भाजपा को किया है वोट : आतिया

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सहारनपुर- हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुस्लिम महिलाओं का भाजपा को वोट देना एक आम चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन अब तक किसी भी मुस्लिम महिला के द्वारा इस बात की पुष्टि नहीं की गई थी कि उसने भाजपा का समर्थन किया है या फिर भाजपा को वोट दिया है लेकिन आपको बता दें कि सहारनपुर की रहने वाली आती है साबरी और उनके परिजनों ने इस चर्चा पर मोहर लगा दी है और खुल कर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे को लेकर भाजपा का समर्थन किया है और उन्होंने सहारनपुर के क्षेत्रीय प्रति भाजपा प्रत्याशी को ही अपना वोट दिया है साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि प्रधानमंत्री तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने का अब अपना वादा निभाए।

कागज पर तीन बार तलाक लिख पति ने तोड़ ली थी रिश्ते की डोर-
आपको बता दें कि सहारनपुर की रहने वाली आज्ञा साबरी से उनके पति ने कागज पर तीन बार तलाक लिखकर रिश्ते की डोर तोड़ ली थी जिसके बाद आधी आने पहले दारुल उलूम और बाद में सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत मुकदमा दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।

यह भी बताते चलें की सहारनपुर के मंडी कोतवाली के मोहल्ला अली की चुंगी की रहने वाली आतिया साबरी ने दावा किया है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान किया है यहां तक कि न केवल का दिया नहीं बल्कि उनके परिवार, उनके भाई ने भी इस बात का दावा किया है कि उन्होंने भी भाजपा प्रत्याशी को ही अपना वोट दिया है। आतिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि हर बूथ पर लगी वोटर वेरीफाई पेपर ऑडिट ट्रेल मशीन से निकलने वाली परची को साक्ष्य के तौर पर देखा जा सकता है उससे यह बात साबित हो जाएगी कि किसने किसको वोट दिया है। साबरी के भाई ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से तीन तलाक को खत्म करने का अपना वादा निभाने की मांग की है।

कौन है आतिया साबरी-
आपको बता दें कि आतिया साबरी सहारनपुर के मंडी कोतवाली के मोहल्ला अली की चुंगी की रहने वाली हैं साबरी का विवाह वर्ष 2012 में उत्तराखंड के हरिद्वार के एक गांव जसोदा पुर के निवासी वाजिद अली के साथ हुआ था वाजिद अली और आदिया साबरी से दो बेटियां हैं आद्या का आरोप है की लगातार दो बेटियां होने की वजह से ही ससुराल के लोग उस पर तरह तरह के आरोप लगा रहे थे और उसे प्रताड़ित कर किसी भी तरह से अपने घर से बाहर भगाने की कोशिश कर रहे थे इसी क्रम में आत्या ने आरोप लगाया है कि 11 नवंबर 2015 को उसे विषाक्त पदार्थ खिलाकर मारने का भी प्रयास किया गया था लेकिन किसी तरह से उसकी जान बच गई।
आध्या ने बताया था कि जब किसी भी तरह से उन लोगों का मन नहीं भरा तो उन्होंने हमारे ऊपर चरित्र हनन का भी आरोप लगाया था इसके बाद 2016 में शौहर वाजिद अली ने एक सादे कागज पर तीन बार तलाक लिखकर उसे मायके भेज दिया जबकि वह तब तक अपने ससुराल में ही रह रही थी।

दारुल उलूम ने लगाई थी आतिया के तलाक पर मुहर-
पति की तरफ से इस तरह से अचानक मुंह मोड़ लेने की वजह से आतिया काफी निराश हुई लेकिन बाद में उसने इस तलाक के संबंध में इसके जायज होने के बारे में दारुल उलूम देवबंद से जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की। आतिया ने बताया कि दारुल उलूम ने कागज पर लिखकर भेजे गए तीन बार तलाक को अपनी मंजूरी दे दी थी। आतिया ने दारुल उलूम के ऊपर भी आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि दारुल उलूम की तरफ से तलाक की मंजूरी देने से पहले एक भी बार उसके पक्ष को ना ही सुनने और ना ही जानने का ही प्रयास किया गया।

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