एक नजर सजन की, की नजर पड़े तो बुझे प्यास मिलन की

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मिर्ज़ापुर(ब्यूरो)- त्रिमोहानी विन्ध्याचल के जगदीश्वरी भवन के सामने आधा लटका खम्भा किसी बड़ी दुर्घटना को निमन्त्रण दे रहा है, ना जाने विभाग इस ओर कब ध्यान देगा, कब पड़ेगी एक नजर सजन की की नजर पड़े तो बुझे प्यास मिलन की बेचारी लटकती व जलती हुई फोकस के मन में यही पीड़ा घर कर रही होगी, यह खम्भा पहला खम्भा नहीं है |

विन्ध्याचल के चामुण्डा देवी की गली में भी सुरेश शर्मा के घर के सामने लटकता हुआ खम्भा भी उपेक्षा का शिकार बना पड़ा है, ना जाने कब किस आँधी ने इनके प्राण पखेरू ले उड़े कुछ कहा नहीं जा सकता है, मौत करीब है और जीने के रास्ते बड़े कठीन है तो कौन नही चाहेगा, कि अब बस जीने से तो अच्छा मर जाना ही कुब़ुल है|

यही मन में आश लगाए विन्ध्याचल के खम्भों में चल रहा है, यदि समय रहते इसके सन्दर्भ में विचार नहीं किया गया तो भविष्य के दृश्य कुछ और होंगे जिसका जवाब ना तो विभाग के पास होगा, ना तो किसी और के पास होगा, यदि होगा तो वह होगा सिर्फ जनता के मन की उग्रता जिसे शान्त करने के लिए प्रशासन को बहाने पड़ेंगे पसीने|

रिपोर्ट-रामलाल साहनी

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