शासन व्यवस्था की फिर खुली पोल हाथ ठेले पर ले जाते शव देखा गया

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राजनादगांव (ब्यूरो) छुरिया ब्लॉक की रहने वाली महिला का शव ठेले में लेजाते देख शासन की व्यवस्था की फिर पोल खुली बहुत ही आश्चर्य की बात है कि जहाँ सारे आला अधिकारी एक ही छत के नीचे रहते है परंतु किसी को इस बात की भनक ही नही लगी कि अचानक ही यह मंजर देखने को मिला कि दो महिलाएं और उनके साथ मृत महिला के परिजनों ने शव को ठेले में रसखकर 2 से 3 कि मी की दूरी तय करने के बाद कलेक्टर के द्वारा शव वाहन भेजा गया यह कैसी शासन की व्यवस्था है इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में कितनी बड़ी लापरवाही है|

जिन महिलाओं द्वारा शव को ठेला खींचा जा रहा है, वह महिला जनप्रतिनिधि क्रांति बंजारे जिला पंचायत सदस्य हैं, जिन्होंने यह साहस जुटाया और समय रहते शासन व्यवस्था की पोल खोल दी| इन दोनों स्त्रियों ने साहस का परिचय दिया है ऐसी महिला जन प्रतिनिधि की आज देश को जरूरत है |छुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बखरूटोला निवासी खिलेश्वरी पिता मनीराम साहू की 19 वर्षीय लड़की ने शनिवार दोपहर को अपने आप को मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था, जिसके बाद छात्रा को छुरिया सामुदायिक केंद्र मे भर्ती किया गया पर 85 फिसदी जलने से उपचार के लिए जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में रिफर कर दिया गया था, लेकिन छात्रा की इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई इसके बाद से लापरवाही शुरू हुई, जहां शव का पीएम करने में लेटलतीफी की गयी और रविवार को एक बजे युवती का पीएम हुआ शव ले जाने वाला वाहन जिला अस्पताल में थोड़ी देर में आ रहा है, कहते दो घंटा हो गया तब जिला पंचायत सदस्य छन्नी साहू क्रांति बंजारे और परिजनों ने जिला अस्पताल से तीन किमी तक युवती के शव को ठेला में रखकर भदोरिया चौक राजनांदगांव तक ला लिया।

जब ये बात कलेक्टर को पता चली तब बढ़ते कदम की एम्बुलेंस को शव ले जाने भेजा गया, लेकिन नाराज परिजनों ने मनाकर स्वयं ही प्रायवेट एम्बुलेंस से शव को बखरूटोला लाया गया । इस मामले में आत्महत्या का कारण का अभीं पता नही चला है, पर सरकारी अस्पताल में जो आलम देखने मिला है, वह बेहद शर्मसार करने वाला था। राजनांदगांव ऐसा जिला है जहां कई वीआईपी हैं, और स्वयं मुख्यमंत्री इस विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक लापरवाही से आम जनता का विश्वास खोता चला जा रहा है ऐसी व्यवस्था अगर शहरी क्षेत्र में देखने को मिल रही है तो आस पास के जंगल इलाके के गाँव मे अस्पतालों की क्या व्यवस्था होगी यह एक सोचने वाली बात है ।

भड़के कलेक्टर
कई पर लटकी कार्यवाही की तलवार-इस मामले की गंभीरता को देख कलेक्टर भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँचे ।इस घटना को लेकर कलेक्टर काफी आक्रोशित दिखे । उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नही जायेगा, जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी ।इसके अलावा डीन आरके सिंह और अस्पताल अधिक्षक प्रदीप बेक की मुख्यालय में गैरमौजूदगी को लेकर भी कलेक्टर काफी नाराज दिखे।उन्होंने इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है ।

रिपोर्ट – महेंद्र शर्मा/हरदीप छाबड़ा

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