परिवहन विभाग के नियमों की उड़ रही धज्जियां

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समस्तीपुर : लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परिवहन विभाग की ओर से नियम-कानून तो बहुत बनाए गए है, लेकिन इसका एक प्रतिशत भी पालन हो रहा है कि नहीं यह देखना वाला कोई भी नहीं है, इससे सरकार व जिला प्रशासन पर तो अंगूलियां तो उठती ही है, साथ ही यात्रियों की भी जान हर समय खतरे में पड़ी रहती है, इसका एक उदाहरण है जर्जर हो चुके बस एवं अन्य यात्री वाहनों को सडकों पर दौड़ना |

बताया गया है कि यात्री वाहनों को सडकों पर चलाने के लिए सरकारी स्तर पर इसका फिटनेस प्रमाण पत्र लेना पडता है, फिटनेस प्रमाण पत्र देने से पूर्व इसकी वाहनों के सभी चीजो की जांच-पडताल की जाती है, तब इसे यात्री ढोने के लायक समझ कर प्रमाण पत्र दिया जाता है, इसके लिए हर जिले में एक एमबीआई भी की नियुक्ति की गई है, लेकिन वाहनो को जांच-पडताल के बगैर ही मानकों की अनदेखी करते हुए आसानी से फिटनेस प्रमाण पत्र दे दिया जाता है. ऐसा क्यों होता है, इसका अंदाजा हर व्यक्ति आसानी से लगा सकता है |

जानकारों का बताना है कि मानक पर सही नहीं उतरने वाले यात्री वाहनों को भी जर्जर स्थिति देखते हुए इसे सडकों पर चलाने की अनुमति मिल जाया करती है, इसमें शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले वाहनों की संख्या काफी अधिक बतायी गयी है, 50 प्रतिशत से अधिक सडकों पर चलने वाली निजी बसें एवं यात्री वाहन ऐसे देखने को मिलते हैं कि चलने पर इसका पूरा बॉडी हिलता रहता है, ऊपर से तुर्रा यह होता है कि वाहनों में यात्रियों को सीट से लेकर छत तक बैठा दिया जाता है, ऐसी स्थिति में वाहन अगर दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो क्या स्थिति होगी, यह बताने की जरूरत नही है |

विभागीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए सरकार की ओर से कुछ नियम बनाए गए हैं, इसमें मुख्य रूप से दो साल के बाद प्रत्येक नए खरीदे गए यात्री वाहनों को इसकी जाँच करानी होती है.इसमे पुराने वाहनों को प्रत्येक वर्ष जांच करानी होती है
इतना ही नही इसमे ब्रेक,इंजन,इंडीकेटर, प्रदूषण आदि समेत कई प्रकार की जांच होती है, लेकिन किसी भी वाहन को इतनी बिन्दुओं पर जांच नही की जाती है, साथ-साथ इस पर चढ़े यात्री का जान भी खतरे मे रहा करती है, इस संबंध मे पूछे जाने पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि जांच पड़ताल कराकर आवश्यक कार्यवाई की जाएगी |

रिपोर्ट – रंजीत कुमार

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