अमीन ने त्यागी मानवता, बीमार पति को जबरन मारपीट कर जेल में डाला

0
66

उन्नाव (ब्यूरो)- नारी स्वयं सहायता समूह पर बकाया वसूलने के लिए तहसील के उच्च अधिकारियों की शह पर संग्रह अमीन ने वृद्ध सहित दो अन्य को राजस्व बंदी गृह में ठूंस दिया, जिससे उत्तेजित महिला सदस्यों ने कहा कि उन पर बकाया वसूली के लिए उनको जेल में डाला जाये | हंगामा काटने पर व नियम विरुद्ध होने की वजह से जेल में बन्द पतियो को छोड़ना पड़ा। महिलाओ ने पतियों को छुडवाने के लिए घंटों तहसीलदार कार्यालय के सामने डेरा डाल दिया।

विकास खण्ड के ऊंचा नेवादा मजरे रायपुर नेवादा में वर्ष 2002 में एक नारी स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया, जिस पर भैंस पालन हेतु बैंक से ऋण लिया गया था| समय से पैसा न जमा होने पर वसूली के लिए आरसी काट दी गयी। समूह की अध्यक्ष राधा व सदस्य बिटोला सियादुलारी, रूपरानी, विमला ने बताया कि गांव के उमाशंकर पुत्र सूरत ने अपनी माँ फूलमती को समूह का कोषाध्यक्ष बना दिया था, उसी ने हेराफेरी करके सभी सदस्यों के हस्ताक्षर करवाकर बैंक से धनराशि निकाल अकेले हड़प ली |

अब जब आरसी कटने पर सदस्यों को जानकारी हुई तो मालूम हुआ कि एक बार एक लाख तीस हजार व दूसरी बार एक लाख पैंसठ हजार रुपये निकाले गए है। बुधवार जब समूह की महिला पदाधिकारी अपनी शिकायत करने एसडीएम सफीपुर के पास पहुची, उनको एसडीएम तो नही मिले लेकिन अमीन राकेश चंद्र दीक्षित ने उमाशंकर के साथ मिलकर पदाधिकारियो के पतियो जिसमे एक बीमार वृद्ध राधेलाल को जबरन पकड़ मारपीट कर जेल में डाल दिया |

अमीन के इस कारनामे को देख समूह की महिला सदस्य रोने बिलखने लगी जिसपर जब अमीन को कानूनी नियम और कायदे याद दिलाये गए तो वह पसीना छोड़ने लगे और कहा वसूली के लिए वह सब कुछ करेंगे । अमीन के तेवरो को देख महिलाये भी विरोध दर्ज कराते हुए कार्यालय में डटी रही| आखिरकार महिलाओ ने शोर-शराबा कर घंटो मशक्कत के बाद अपने अपने पतियो को छुड़वा लिया ।

रिपोर्ट- रामजी गुप्ता

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here