जिले के अवैध बालू खनन पर कब पड़ेगी सीबीआई की नजर

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उरई : न्यायालय के आदेश के बाद यूपी में अवैध बालू खनन की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को पड़ोसी जनपद हमीरपुर में इस मामले में खनिज विभाग के संबंधित अधिकारियों व अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध खनन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है पर अभी तक सीबीआई की नजर जनपद जालौन में हो रहे अवैध खनन पर नहीं पड़ी है जबकि यहां पर एक दशक से भी अधिक समय से अवैध खनन का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है और सीबीआई जांच जारी रहने के बावजूद भी रात के अंधेरे में इस काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है |

अवैध बालू खनन ने जहां एक ओर चंद लोगों को रातोंरात करोड़पति बना दिया तो वहीं इसके भीषण दुष्परिणाम जिले के लोगों को भुगतने पड़े। सड़के चौपट होने के साथ ही नदियों के किनारे स्थित जमीनों पर खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। वर्ष 2007 में प्रदेश में बसपा की सरकार बनने के बाद अवैध खनन के कारोबार को जैसे पंख से लग गए। इसके बाद इस कारोबार में शामिल लोगों ने अभी तक मुड़कर नहीं देखा। बसपा के बाद वर्ष 2012 में सूबे में सपा की सरकार बनी। इस सरकार में भी सैफई, इटावा, मैनपुरी से ताल्लुक रखने वाले एक ही बिरादरी के लोगों ने बुंदेलखंड में अवैध खनन कराने की जिम्मेदारी संभाल ली। सैफई की कृपा पर जिले में पांच साल तक फिर से अवैध खनन चालू रहा। पिछले वर्ष हाईकोर्ट ने इसे संज्ञान लिया और सूबे में होने वाले अवैध बालू खनन की जांच करने के लिए सीबीआई को आदेश दे दिए। सूबे के अन्य जनपदों की अपेक्षा बुंदेलखंड में अवैध खनन का कारोबार सबसे ज्यादा होता है। सीबीआई जांच के आदेश के बाद भी जिले में अवैध खनन नहीं रुक पाया। अब इस कारोबार में शामिल लोग रात के अंधेरे में बालू का खनन कर रहे हैं। बुधवार को सीबीआई ने पांच जनपदों में अवैध खनन के मामले में खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध खनन की प्राथमिकी दर्ज की है। इन जिलों में शामली, फतेहपुर, सिद्धार्थ नगर, देवरिया के साथ ही पड़ोसी जनपद हमीरपुर भी शामिल है। सीबीआई की नजर हमीरपुर में हो रहे अवैध खनन पर तो पड़ गई पर अभी तक जनपद जालौन में हो रहे अवैध खनन पर नहीं पड़ी है। वहीं प्रशासन भी इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगा पाने में अभी तक पूरी तरह नाकाम रहा है। सूत्रों की मानें तो इसकी एक वजह यह भी है कि अवैध खनन से होने वाली कमाई का एक हिस्सा कुछ जिम्मेदारों तक भी पहुंचता है जिसके चलते जिम्मेदार मौन साध लेते हैं और सबकुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं सीबीआई द्वारा पड़ोसी जनपद में कार्रवाई करने के बाद अब जिले के लोगों को उम्मीद जागी है कि जनपद में हो रहे अवैध खनन के मामले में भी सीबीआई जांच करेगी और यहां के लोगों को अवैध खनन से मुक्ति मिल पाएगी।

अवैध खनन के चलते जिले की सड़केें भी चौपट हो गई हैं। जनपद की सड़कों से रोजाना हजारों ओवरलोड मौरंग लदे टक निकलते हैं जिसके चलते सडकों की हालत खस्ता हो गई है। स्थानीय मार्गों की बात तो अलग है नेशनल हाईवे तक इससे अछूता नहीं रहा है और वहां पर भी कई कई फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं। खनन माफियाओं की मनमानी का खामियाजा जिले के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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