हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा के व्रत का महत्व

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उन्नाव(ब्यूरो)- आज ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत पर लाखो लोगों ने शुक्लागंज, परियर, नानामऊ घाट, सरैया घाट पर पहुंच कर गंगा नदी में स्नान कर पुण्य के भागीदार बने । इस पूर्णिमा को हिन्दू धर्म में काफी महत्‍वपूर्ण माना जाता है। इस दिन जो व्यक्ति गंगा स्नान करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं और इस दिन व्रत रख के आप इसका पूरा फल पा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्णिमा पर किए गए उपाय बहुत जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। इसीलिए काफी लोग पूर्णिमा पर विशेष पूजा-पाठ करते है ।

इस पूर्णिमा के व्रत और पूजन से मिलनें वाले लाभों के बारे में रघुनाथ प्रसाद शास्त्री बताते हैं कि इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा की जाती है। सत्यनारायण का पाठ कर आप पीले चावल, केसर और भोग में पीले पकवान से उनकी पूजा करें। पूर्णिमा के दिन आप सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाएं। इसके बाद आप पीले वस्‍त्र पहन कर पीले फल या अनाज का दान करें। उपवास रखें व खाने में पीले रंग के खाद्य पदार्थ शामिल करें।

इस दिन आप लक्ष्मी जी के बीज मंत्र या किसी भी लक्ष्मी मंत्र से माला कर सकते हैं। इससे मां लक्ष्‍मी जी प्रसन्‍न होगी और मनोकामना पूरी करेगी । इस दिन आप शिवलिंग पर दूध अर्पित करें। इससे आपके घर लक्ष्‍मी की वर्षा होगी। इस उपाय से धन से जुड़े सारे काम बनते हैं ।यह उपाय इस पूर्णिमा पर करनें से मनुष्य मनवांछित फल प्राप्त कर सकता है ।

रिपोर्ट- रामजी गुप्ता 

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