पिता के सामने ही पुत्र ने नदी में छलांग लगाकर दे दी जान

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समस्तीपुर/रोसड़ा(ब्यूरो)- पिता ने डांटा तो युवा पुत्र ने उसके सामने ही पुल पर से नदी में छलांग लगाकर जान दे दी| विकलांग पिता कर भी क्या सकता था! वह बस टुकटुक देखता रह गया| उसने हल्ला मचाकर मदद की गुहार लगाई पर मदद के लिए कोई आया नहीं|

यह घटना स्थानीय बूढी गंडक नदी पर बने बंद पड़े पुराने रेलवे पुल पर से शनिवार की शाम में घटित हुई| परिजनों व ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद रविवार की दोपहर शव को नदी से खोज पाने में सफलता प्राप्त हुई| नदी में डूब कर मरने वाला युवक रोसड़ा थाना क्षेत्र के गोथरा गांव का निवासी विजय महतो का 19 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार था| पंचायत के मुखिया जीवछ महतो, ग्रामीणों, परिजनों व पुलिस ने आपस में राय-विचार कर शव को बगल के ही श्मशान घाट में दाह-संस्कार कर दिया| छोटी—सी बात पर जान गंवा देने की घटना को सुन स्थानीय लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं|

इस घटना के संबंध में मृतक संतोष के पिता ने बताया कि मरने वाला उसका यह पुत्र थोड़ा गुस्सैल प्रवृत्ति का था| वह हिमाचल प्रदेश में नौकरी करता था| 15 दिन पहले ही वह गांव आया था| शनिवार की सुबह घर से अपनी दस वर्षीय छोटी बहन करीना को लेकर सहियार बुर्ज निवासी अपने फूफा रामबली के घर जाने को निकला था| सीधे फूफा के यहां न जाकर बहन को लेकर यत्र-तत्र दिन भर मंडराता रहा|

शाम चार बजे तक जब उसके वहां नहीं पहुंचने की जानकारी मिली तो उसे मोबाइल पर मैंने डांटा था| डांटने के बाद संतोष अपनी छोटी बहन को फूफा के घर के बाहर ही छोड़कर वहां से चल दिया| वहां से निकलने के बाद संतोष ने अपने बड़े भाई गुड्डू को मोबाइल पर यह सुचना दी कि मैं रोसड़ा रेलवे पूल पर खड़ा हूं और नदी में कूद कर जान देने जा रहा हूं| पिताजी को फ़ोन करके कह दो कि मेरा जिंदा चेहरा देखना है तो जल्द ही वह पूल पर चले आएं| मैं पूल पर उनका इंतजार कर रहा हूं|

इस बात की जानकारी जब मुझे मिली तो मैं आनन—फानन में अपनी दुकान बंद कर पुल की ओर भागा| जब मैं पूल के नजदीक पहुंचा तो देखा कि पुत्र संतोष पुल के रेलिंग पर खड़ा है| उसकी मुझसे जैसे ही नजर मिली उसने नदी में छलांग लगा दी| पैर से विकलांग होने के कारण दौड़कर मैं उसे नहीं रोक पाया|

मैंने अपने पुत्र की जान बचाने के लिए काफी हो-हल्ला भी मचाया पर किसी ने उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटाई| मेरी आंखों के सामने मेरा पुत्र कई मिनटों तक पानी में छटपटाता रहा| अंततः वह पानी में डूबकर मर गया| इस घटना को सुनकर काफी लोग जुटे हुए थे|

शव खोजने का काम रविवार को अहले सुबह से ही किया गया पर सफलता दोपहर बाद में जाकर मिली, वह भी तब जबकि शव खुद पानी के ऊपर आकर तैरने लगा| जहां पर संतोष कूदा था वहीं पर उसका शव मिला| इस घटना से क्षेत्र के लोग काफी मर्माहत हैं| छोटी—सी बात पर जान गंवा देने की घटना पर स्थानीय लोग काफी अफ़सोस जता रहे हैं| लोग उसकी मति मारे जाने की बात कह रहे हैं| वहीं संतोष के माता-पिता का रोते-रोते बहुत बुरा हाल है|

रिपोर्ट-कुमार आशुतोष 

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