तहसील दिवस में चौकीदार ने की थानाध्यक्ष की शिकायत मुख्यमंत्री से

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मुसाफिरखाना/अमेठी (ब्यूरो)- आज मुसाफिरखाना तहसील में तहसील दिवस का आयोजन हुआ जिसमें उप जिलाधिकारी अभय कुमार पांडेय तहसीलदार मुसाफिरखाना हरि मोहन तिवारी नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना श्रद्धा पांडे नायब शामिल हुए इस तहसील दिवस में आज एक चर्चित मामला आया|

जिसमें थाना शुकुल बाजार के ग्राम विशंभर पट्टी के चौकीदार पहलाद ने थानाध्यक्ष शुकुल बाजार से शिकायत करते हुए एक प्रार्थना पत्र आज तहसील दिवस मुसाफिरखाना में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें प्रकरण यह है कि 23 अप्रैल 2017 को सतथिन ग्राम के चौकीदार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली की आंगनवाड़ी से वितरित सरकारी पुष्टाहार को कल्लू गुर्जर द्वारा खरीद कर लाया जा रहा है, और जिसमें सतथिन के चौकीदार ने ग्राम विशंभर पट्टी के चौकीदार से पुलिस आने तक मदद मांगी थी|

विशम्भरपटी के चौकीदार ने उसकी सूचना पर उसकी मदद के लिए ग्राम सतथिन के चौराहे पर पहुंचे और कल्लू गुर्जर को सतथिन चौराहे पर पकड़ लिया और अपने हलका सिपाही को फोन लगाया हल्का सिपाही छुट्टी पर होने की वजह से मौके पर ना पहुंच सके ।

उसके बाद चौकीदार ने पूरे मामले को प्रभारी बाजार स्कूल श्रीमती रेखा सिंह को बताया और उन्होंने अपने चौकीदार की बात को गंभीरता से नहीं लिया, और उनको आदेश किया कि आप बाल पुष्टाहार को छोड़ दो और साथ में डांटते हुए कहा कि आप बाल पुष्टाहार को पकड़ने वाले कौन होते हो ।

इसके बाद दिनांक 14 मई 2017 को थाना शुकुल बाजार की प्रभारी चौकीदार पहलाद से मिली और प्रहलाद को डांटते हुए कहा कि तुमने पुष्टाहार वाले व्यक्ति को किसलिए पकड़ा तुम्हारे पास उसको पकड़ने का कोई अधिकार नहीं है। तुम्हारे विरुद्ध कार्यवाही करते हुए नौकरी से निकाल दिया जाएगा और मुकदमा भी लिख दिया जाएगा|

इस बात से आहत होकर चौकीदार पहलाद ने आज तहसील दिवस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित तहसील दिवस के माध्यम से एक आवेदन तहसील दिवस में दिय| जिस पर तहसीलदार हरिमोहन तिवारी ने संज्ञान लेते हुए सीडीपीओ विनय कुमार सिंह को कार्यवाही करने हेतू आदेशित किया ।

सीडीपीओ बाजार शुक्ल ने कहा कि उक्त प्रकरण में उनके द्वारा आज ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी| इसमें मामले में थानाध्यक्ष बाजार शुक्ल का रवैया अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति बेहद निराशाजनक रहा और पुलिस रेगुलेशन एक्ट के अनुसार मुखबिर तथा अपने कर्मचारियों से मिली सूचना को अपनी डायरी में दर्ज करना और कार्य कार्यवाही करना शामिल होता है जिसको थानाध्यक्ष द्वारा नहीं किया गया बल्कि सूचनादाता को ही धमकाने को डराने का प्रयास किया है।

रिपोर्ट-हरि प्रसाद यादव

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