भीषड गर्मी में ग्रामीण बूँद बूँद पानी के लिए तरस रहे, शोपीस बन कर रह गई टंकियां

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उन्नाव(ब्यूरो)- बढ़ते फ्लोराइड को देखते हुए शुद्ध पेयजल के लिए राजीव गांधी पेयजल योजना के तहत करोडो रुपये खर्च करके पांनी की टंकिया बनवाई गई लेकिन इस भीषड गर्मी में भी ग्रामीण बूँद बूँद पानी के लिए तरस रहे है प्यास बुझाने वाली टंकिया सिर्फ शोपीस बन कर रह गई है और विभागीय अधिकारी जान कर भी अनजान बने हुए है ।

तहसील हसनगज के ग्राम चककुशहरी में राजीव गांधी पेयजल योजना के अंतर्गत ढेड़ दशक पहले लगभग एक करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, जिसमे जल निगम द्वारा एक दर्जन गाँवों को शुद्ध पेय जल पहुचाने के लिए भूमिगत पाइप लाइन डालकर पानी पहुचाने की व्यवस्था की गई थी, और गाँवों में शुद्ध पानी पीने के लिए स्टन्ट पोल स्थापित किये गए थे

लेकिन कमीशन खोरी के चलते घटिया पाइपो के डालने से सप्लाई शुरू होते ही जगह जगह लाईन ध्वस्त हो गई और एक दर्जन गाँवों की पानी सप्लाई तो दूर जलनिगम के द्वारा रखे गए ऑपरेटर भी टाला लगा कर घर बैठ कर वेतन उठा रहे है |

जब की नयी सरकार के बनते ही ग्रामीणों को लगा की शायद इस सरकार में पानी की व्यवस्था सुधरेगी और शुद्ध पानी पीने को मिल सकता है लेकिन सरकार बनने के ढेड़ महीने बीतने के बाद भी टंकी की टोटियां सूखी है और स्टंट पोल प्यासे नजर आ रहे है|

जब की जल निगम के अधिकारी प्रतिमाह पेयजल सप्लाई की रिपोर्ट शासन को भेजते रहते है और जमीनी हकीकत में टंकी पर कार्यरत रहे ऑपरेटर तक बेख़ौफ़ होकर घरों में सोते नजर आ रहे है| जब की इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तहसील दिवस में की लेकिन फिर भी विभागीय लोगो के कान पर जू तक न रेंगा और टंकी व्यवस्था ध्वस्त है|

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा शुद्ध पेयजल योजना के लिए चक्कूश्हरी, गफ्फरनगर, सूबेदार खेड़ा, भानपुर, गजाखेड़ा, बरौनान्यमतपुर, रायखेड़ा, हँसेवा, तेगापुर, जिंदासपुर, निजामपुर पचघना सहित दर्जनों गाँवो की पेयजल व्यवस्था सही कराने का प्रावधान किया गया था, फिर भी अन्य गांव तो दूर चककुशहरी गाँव जहां पानी की टंकी स्थापित है वहां के लोग ही पानी के लिए तरस रहे है ।

रिपोर्ट- राहुल राठौर 

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