यूपी सरकार की पेंशन योजना में अपात्रों ने लील लिये करोड़ों

कुशीनगर(ब्यूरो)- सरकार योजनाओं का लाभ देकर ही क्या करेगी, जब जिम्मेदार ही इसका पलीता लगाने में जुटे हों। ऐसा ही एक बड़ा मामला कुशीनगर में सामने आया है, जहां लगभग दस हजार अपात्रों को 10.8 करोड़ पेंशन के रूप में रेवड़ी की तरह बांट दिया गया।

पिछले तीन से पांच वर्ष से सभी योजनाओं मसलन निराश्रित, वृद्धा, दिव्यांग, मुख्यमंत्री पेंशन योजना का लाभ ये अपात्र उठा रहे थे। इस बड़ी सरकारी धनराशि का महत्वपूर्ण योजनाओं के नाम पर किए गए बंदरबांट से बड़े सवाल खड़े हुए हैं। आखिर जिम्मेदार क्या कागज में ही योजना चला रहे हैं। चहेतों को लाभ देने के लिए पात्रता की सूची में डाला जा रहा है। दूसरी ओर अब महकमा इस बड़ी धनराशि की रिकवरी में जुटा है। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने योजनाओं में अपात्रों के शामिल होने की आ रही लगातार शिकायतों के बाद जांच कराई तो बड़ा खुलासा हुआ। एक दो नहीं बल्कि पूरे दस हजार अपात्र मिले जो दिव्यांग, निराश्रित, वृद्ध बनकर लाभ ले रहे थे तो वहीं मुख्यमंत्री पेंशन योजना जो पूर्व में समाजवादी पेंशन योजना थी, का लाभ लाभ उठा रहे थे। इसमें अकेले मुख्यमंत्री पेंशन योजना में 7899 अपात्र शामिल हैं। वृद्धा पेंशन योजना में 1014, निराश्रित महिला पेंशन योजना में 24, दिव्यांग जन पेंशन योजना में 21 अपात्र शमिल हैं।

हर हाल में होगी रिकवरी और कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने कहा कि बड़े पैमाने पर अपात्रों को पेंशन योजना का लाभ देने का मामला सामने आया है। अपात्रों से धन की रिकवरी के साथ ही, जांच में दोषी मिले अन्य जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। योजनाएं केवल पात्रों के लिए हैं, अपात्रों के लिए नहीं। शिकायत के आधार पर मैंने इसकी जांच कराई थी।

रिपोर्ट- राहुल पाण्डेय

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