योगी राज की पटकथा लिखने में में जनपद के संतों का रहा है विशेष योगदान

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रायबरेली (ब्यूरो)– प्रदेश की बागडोर योगी आदित्यनाथ को भले ही कई मंथन और विधायकों के समर्थन के बाद सौंपी गयी लेकिन परदे के पीछे जो कवायद चली उसमें जिले के भरसना गांव स्थित अवधूत आश्रम के महंत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी कवायद के बाद संघ और संतों के गठजोड़ का जो बल योगी को मिला उसने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा दिया।

बीते माह की तीन फरवरी को सभी साधु संत गोरखनाथ पीठ में इकट्टा हुए। जहा सभी ने एक सुर में योगी को प्रदेश की कमान को सँभालने के लिए सर्व सम्मत से प्रस्ताव पारित कर भाजपा और संघ प्रमुख को भेजा। संतो का मानना था कि यूपी में बदहाल कानून व्यवस्था और हावी जाति-पाँति की राजनीति को भेदने के लिए योगी नामक अचूक अस्त्र ही सक्षम है। इस सम्मलेन में रायबरेली के भरसना स्थित अवधूत आश्रम व अयोध्या के विभीषण कुण्ड स्थित विजय राघव मंदिर के उत्तराधिकारी संत विजय राघव महराज ने बताया कि यूपी में भेदभाव और जाति आधारित राजनीति को दूर करने के लिए योगी जैसे ही व्यक्तित्व की जरूरत है। इस सम्मेलन में सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल, चिन्मयानन्द महराज, गोविंदाचार्य, ज्ञानानन्द महराज और अयोध्या खंड की ओर से फलाहारी संत राघवजी महराज आदि मौजूद थे।
रिपोर्ट- राजेश यादव
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