बरकत है औरत के कदमों में, लोग इसे घर कहते हैं- जिलाधिकारी, मतगणना और होली पर सद्भाव बनाए रखने की अपील

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मैनपुरी (ब्यूरो)– होली रंगों और मेल-मिलाप का त्योहार है। इसमें जाति और धर्म का कोई स्थान नहीं होता। नाना प्रकार के मनोहारी रंग समाज को यही तो संदेश देते हैं कि मिल-जुलकर रहने वाले चमन में कोई दाग न लग जाए। बता दें कि, मतगणना के साथ ही होली का हुडदंग भी आरम्भ हो जायेगा।

नगर के नागरिकों से अपील है कि वह ऐसे लोगों पर नजर रखें जो जहरीली शराब पीकर बवाल करने में विश्वास रखते हैं। उनके परिजनों से कह दें कि उन्हें अपने घरों में ही आराम करने दें। यदि कोई हुडदंग कर बवाल करने का प्रयास करेगा तो उसे जेल भेज दिया जायेगा। उक्त बातें जिलाधिकारी सी.पी. सिंह ने कही है। बता दें कि वह कोतवाली में आयोजित शान्ति समिति की वैठक में बोल रहे थे।

बरकत है औरत के कदमों में, लोग इसे घर कहते है –
नारी दिवस पर नारी के सम्मान में होली की बधाई देते हुये जिलाधिरी ने कहा है कि होली एक धार्मिक परम्परा ही नहीं मेल-मिलाप और खुशहाली का त्योहार है। किसान जहाँ फसल पकने से उत्साहित होकर प्रफुल्लित मन से होली मनाता है वहीं रंग-बिरंगे रंगों से सरोबार लोग इसे प्रसन्नतापूर्वक मनाते हैं। उन्होंने कहा है कि त्योहारों में जब शराब का समावेश हो जाता है, त्योहार की आड़ में समाज पर दाग लगने लगते हैं। लोग शराब को दोस्ती का पैमाना मानकर पीते जरूर हैं पर जब पैमाना मयखाने से आगे निकल जाता है तो विवाद का रूप बदलते देर नहीं लगती और इसमें कभी शर्मनाक घटनाएं भी हो जाती हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस गंगा-जमुनी तहजीब के जनपद मैनपुरी का जन्म 1801 में हुआ था तब एटा, इटावा और कासगंज जनपद भी मैनपुरी की तहसीलें हुआ करती थीं। उन्होंने एक अंग्रेज अधिकारी द्वारा गजटियर में लिखे अंश का हवाला देते हुए बताया कि मैनपुरी के लोग लगान नहीं देते उस लगान का शराब पी जाते हैं। यहाँ गाॅव-गाॅव में शराब बनती है। उन्होंने समाज के जागरूक लोगों से कहा कि इस जनपद से इस शराब उद्योग रूपी कलंक को मिटाने में योगदान दें। मुनाफाखोरों को नहीं प्यारी लगती किसी की जिन्दगी। शराब का समाजिक वहिष्कार करेंगे।

जो पीकर उतर जाए वह शराब ही किस काम की, खुदा ने कर्म करके खोला था मयखाने, भर-भर पियो साकी पैमाना, बड़ी नजाकतों से सजाया है हमने गुलशन अपना, परबाज परिन्दों से कह दो कि इस गुलशन से रास्ता बदल दें, जिलाधिकारी ने मतगणना के पश्चात् होने वाले होली के त्योहार पर आम नागरिकों से अपील की कि इस ऐतिहासिक जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब पर किसी की नजर न लगने दें। पुलिस के साथ मिलकर समाज का सहयोग करें।

पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बाजार में कई प्रकार के रसायनिक रंग बिक रहे हैं वहीं कुछ शराब बेचने वाले लोग नशे को बढ़ाने के लिए अवैध शराब में जीवन नष्ट करने वाली दवाएं मिलाकर भी बेंचने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों की निगरानी करते रहें। मतगणना और होली के दिन शराब के ठेके बन्द करने के आदेश दिये गये हैं। परन्तु इस समाज में कुछ लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें समाज की खुशहाली समझ में नहीं आती उनका सामाजिक बहिष्कार करें। शराब न पियें, न पीने दें। गुब्बारे फेंकने पर भी उन्होंने पाबन्दी लगाते हुए कहा कि अबीर-गुलाल से होली खेलने पर सम्मान और मिलाप होता है परन्तु होली के दौरान मारपीट करना सामाजिक चिन्तन का विषय है। इस पर जागरूक लोग जरूर ध्यान दें। अगले दिन पुलिस विभाग भी होली खेलेगा जिसमें समाज के लोग भी शामिल हो सकते हैं।

इस मौके पर नगर की ओर से तमाम समाजसेवियों ने होली की खुशहाली को लेकर अधिकारियों को सुझाव दिये। होली पर पानी, सफाई और बिजली की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सुझाव दिये गये।
इस मौके पर शान्ति समिति के सदस्यों के अलावा अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी नगर, उप जिलधिकारी, कोतवाली प्रभारी सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा
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