बालू के दामों में बेहताशा बढ़ोतरी को लेकर सरकार के प्रति लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है

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सोनभद्र (ब्यूरो) जनपद में वन महोत्सव में भाग लेने आयी भूतत्व एवं खनिकर्म, आबकारी तथा मद्यनिषेध/एवं जनपद सोनभद्र की प्रभारी मंत्री अर्चना पाण्डेय एक जनपद को दौरे के पर आयी तो लोगों ने 6750 रू की बालू 35,000 का बिकने की जमकर विरोध जताते हुए आज उन्हें गुरुवार को ज्ञापन सौंपा गया ।

वहीं ज्ञापन सौंपने के बाद खनन् क्षेत्र से समाचार आया की बालू का दाम बढ़ाकर 45000/- रू. कर दिया है, जिसमें ट्रक व्यवसायी समेत बालू व्यवसाय से जुड़े लोगों के होश उड़ गए लोगों का कहना था कि यह भाजपा राज में क्या हो रहा है ? मंत्री महोदया के दौरे को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं कि जब मंत्री महोदया का दौरा होता है तब बालू गिट्टी के दाम स्वतः क्यों बढ़ जाते है कुछ लोगों का मानना है कि लखनऊ से खनन् की भारी सिंडीकेट वसूली हो रही है, जिसमें दाम बढ़ जा रहे हैं | वहीं मारकुन्डी व्यापार सभा के अध्यक्ष रामाश्रय भारती का कहना है कि सूबे की भाजपा सरकार ने नई खनन् निति बनाई गई जिससे भष्टाचार के साथ वीआईपी वसूली बंद हो सके किन्तु समस्या उससे पलट है जिसमें पार्टी नेताओं अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सपा राज में से चौगुने रेट पर वह भी 400 से 500 फिट ही बालू परिवहन की अनुमति दी जा रही है आज जो बालू मिल रही है 6 चक्का ट्रक 20 से 22 हजार, 10 चक्का ट्रक 25 से 30 हजार और 12 चक्का से 30 से 35000 रू मनमानी तौर पर मनमाफिक बालू ठेकेदार वसूली कर रहे थे जो आज के दिन में 10 चक्का वाहन का बालू रेट 450000, रू हो गया है | ई टेन्डर में सस्ती बालू बिक्री का रेट अधिकतम तकरीबन 750 रू मय रियाल्टी सहित धनमीटर है 10 चक्का वाहन पर× 9 घनमीटर = 6750 की बालू 30,000 में बालू ठेकेदार द्वारा दिया जा रहा है यानी 23250 की VIP या अवैध वसूली हो रही है।

जो बालू 2500 सैकड़ा रार्बट्सगंज में 3 माह पूर्व बालू बिकता था जिसका आज रार्बट्सगंज में 8000 रू प्रति सौ फिट बिकता है | यानी सरकार चेन्ज होने पर 3 माह बाद प्रति सौ फिट 6500 रू की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है | ऐसे में प्रश्न उठता है | प्रति ट्रक 23250 की अवैध वसूली का रूपया कहाँ-कहाँ जाता है ? जो आमजनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी को लेकर जब बालू खनन् साइट से मात्र 20 किलोमीटर दूरी पर 8000 रू प्रति सौ फिट बिक रहा है तो जनपद के बाहर वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, चंदौली, जौनपुर आदि जनपदों में क्या रेट की बिकेगी और मध्यम वर्गों का कर कैसे बनेगा ? जिसमें आम जनमानस में यह बड़ा प्रश्न खड़ा हो रहा है साथ ही भाजपा के सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है और लोग आने वाले चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने की चर्चा कर रहे है ।

रिपोर्ट – ज़मीर अंसारी

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