बलिया में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है चेचक का प्रकोप, रोकथाम के प्रयास नाकाम

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प्रतीकात्मक

बलिया(ब्यूरो)- केन्द्र सरकार भले ही चेचक मुक्त देश होने का डंका बजा रही हो, लेकिन छिड़काव के अभाव में चेचक दर्जन भर घरों में पैर पसार दिया है। गांव वाले बड़ी माता के नाम पर भले ही चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। डब्ल्यूएचओ से निर्देश पाकर गुरुवार की दोपहर डाक्टरों की एक टीम ने बबुआपुर गांव में पहुंच कर जरुरी इलाज किया ।

विकास खण्ड बेलहरी के कठही ग्राम सभा अन्तर्गत बबुआपुर गांव के दर्जन भर से अधिक परिवारों में चेचक (बड़ी माता) फैल गई है। बच्चे-बुड्ढे बुखार से तिलमिला रहे है, तो वहीं चेहरे से लेकर शरीर के अन्य हिस्सों में फोड़ा ही फोड़ा हो गया है। ग्रामीणों का मानना है कि बड़ी माता का प्रकोप है। वही कुछ लोग नजदीक के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश दिए जाने के बाद हरकत में आई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी के डाक्टरों ने एक टीम गठित कर बृहस्पतिवार को बबुआपुर गांव का दौरा किया। स्वास्थ्य टीम सर्वप्रथम आतिश कुमार उपाध्याय के घर पहुंची। वहां परिवार के पांच सदस्य चेचक के चपेट में आये है। टीम ने डाक्टरों के मुताबिक कई वर्षों से मकान के अगल-बगल व गांवों में दवाओं के छिड़काव न होने से मच्छरों की अधिकता हो गई है।

पीड़ित दिव्यंजली, विशाल, प्रियंजली, अंश, आतीश उपाध्याय, विक्रम, धीरज उपाध्याय व भोला को टीम ने ओआरएस, पैरासिटामोल, सिट्राजिन आदि दवाइयां दी। साथ ही नीम की पत्तियों को उबाल कर स्रान करने, ओआरएस का घोल पीने व साफ सफाई रखने की सलाह दी। टीम में डॉ. बरमेश्वर सिंह, डॉ. जगमोहन जी, डॉ.. कन्हैया लाल, डॉ. सर्वजीत सिंह यादव, राकेश सिंह, राजीव गुप्ता, बृजबाला उपाध्याय, देवान्ती देवी रही।

रिपोर्ट-सन्तोष कुमार शर्मा

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