रूस के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक विकास व्यापर मेले का भागीदार बना भारत, 110 भारतीय कम्पनियाँ लेंगी हिस्सा |

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विश्‍व भर में होने वाली अभिनव इंजीनियरिंग रचनाओं को दर्शाने के लिए आयोजित किए जाने वाले रूस के सबसे बड़े वार्षिक अंतरराष्‍ट्रीय औद्योगिक व्‍यापार मेले ‘इनोप्रॉम’ का शुभारंभ 10 जुलाई, 2016 को एकातेरिनबर्ग में होगा। भारत ‘इनोप्रॉम-2016’ में भागीदार देश है। इस चार दिवसीय प्रदर्शनी के लिए प्रमुख थीम ‘इंडस्ट्रियल नेट’ है, जिसका उद्देश्‍य प्रभावोत्पादकता बढ़ाने के लिए सभी महत्‍वपूर्ण घटकों को एक ही छत के नीचे लाना है। वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला सीतारमण 110 से भी ज्‍यादा भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व कर रही हैं, जो ब्रांड इंडिया इंजीनियरिंग अभियान के तहत इस रूसी इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाएंगी। भारतीय भागीदारी का आयोजन ईईपीसी इंडिया द्वारा किया जा रहा है और इसके लिए ब्रांडिंग संबंधी सहायता इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन (आईबीईएफ) द्वारा प्रदान की जा रही है। भारत और रूस ने वर्ष 2025 तक द्विपक्षीय व्‍यापार को बढ़ाकर 30 अरब अमेरिकी डॉलर और पारस्‍परिक निवेश को बढ़ाकर 15 अरब अमेरिकी डॉलर के स्‍तर पर पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा है।

उपर्युक्‍त प्रदर्शनी में बड़ी, मझोली और छोटी भारतीय कंपनियों के अलावा विभिन्‍न राज्‍यों जैसे कि महाराष्‍ट्र, गुजरात, झारखंड, राजस्‍थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश भी अपनी-अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे और आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्री एन चंद्रबाबू नायडू अपने-अपने राज्‍यों के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्‍व कर रहे हैं। इसके अलावा भारी उद्योग विभाग, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, विद्युत मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, राष्‍ट्रीय डिजाइन संस्‍थान और भारतीय मानक ब्‍यूरो भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्‍सा होंगे। कुल मिलाकर, भारत की सुदृढ़ भागीदारी से ‘इनोप्रॉम 2016’ में इंजीनियरिंग एवं नवाचार के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं पर रोशनी डाले जाने की आशा है।

इस अवसर पर श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘ऐतिहासिक दृष्टि से रूस और भारत के बीच लंबे समय से सांस्‍कृतिक एवं सामरिक रिश्‍ते रहे हैं। इनोप्रॉम में भारत की भागीदारी से दोनों देशों के बीच विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी को बनाए रखने, विस्‍तारीकरण एवं इसके और विकास के लिए महत्‍वपूर्ण अवसर प्राप्‍त होगा। इसके अलावा, यह गठबंधन महंगे इंजीनियरिंग एवं विश्‍वसनीय तथा गुणवत्‍तापूर्ण उत्‍पादों के लिए भारत को एक वैश्विक गंतव्‍य बनाने संबंधी प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप है। इनोप्रॉम 2016 इसके साथ ही ‘ब्रांड इंडिया इंजीनियरिंग’ और ‘मेक इन इंडिया’ को दर्शाने के लिए भारत को एक प्‍लेटफॉर्म की भी पेशकश करेगा।’

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन श्री टी.एस. भसीन ने कहा, ‘इनोप्रॉम 2016 के दौरान इंजीनियरिंग उत्‍पादों के भारतीय निर्माता एवं निर्यातक भारतीय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हाल ही में हुए विकास को दर्शाने के लिए सभी संभावनाओं का दोहन करेंगे, जिससे विश्‍व भर के प्रमुख खरीदार आकर्षित हो सकते हैं। रूस अब पहला ऐसा देश बन गया है जिसने दो महत्‍वपूर्ण सामरिक क्षेत्रों जैसे कि नाभि‍कीय एवं रक्षा में ‘मेक इन इंडिया’ छत्र के तहत निवेश करने पर सहमति जताई है। इनोप्रॉम से मेक इन इंडिया अभियान की अहमियत और ज्‍यादा बढ़ जाने की आशा है।’

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