भारत को 2017 तक थर्मल कोल आयात करने की आवश्यकता नहीं होगीः पीयूष गोयल

0
216

piyush goyallकेंद्रीय बिजली , कोयला तथा नवीव और नवीकरणनीय ऊर्जा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि 2017 तक भारत को तटीय बिजली ,संयंत्रों को छोड़ कर थर्मल कोल के आयात की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में कमी का युग बीत गया है। श्री पीयूष गोयल ने इनरीच- 2015 केपीएमजी के वार्षिक ऊर्जा सम्मेलन में बोल रहे थे। सम्मेलन में कोयला तथा नवीव और नवीकरणनीय ऊर्जा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भारत की रिपोर्ट ‘ द राइजिंग सन- डिसरप्शन आन द होराइजन ’ जारी की ।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले 18 महीनों में शुरु किए गए कार्यक्रमों से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में लोग अर्थव्यवस्था में असामानान्तर उछाल देखेंगे जो भारत को विकास के नए स्तर पर ले जाएगा।

इस अवसर पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा तक पहुंच महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा आवश्यकताओं को चिन्हित करते हुए योजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक ऊर्जा नीति समय की आवश्यकता है।

सम्मेलन में केपीएमजी इंडिया के सीईओ श्री रिर्चड रेखी , पार्टनर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख श्री अरविन्द महाजन , सेल्स एण्ड मार्केट प्रमुख श्री मनीष अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

भारत की रिपोर्ट ‘ द राइजिंग सन- डिसरप्शन आन द होराइजन ’ में कहा गया है कि 2025 तक सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत होगी, सौर ऊर्जा की बाजार पहुंच 5.7 प्रतिशत(54 जीडब्ल्यू)होगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

2 × two =