अब भारत के दायरे में आ चुका हैं सम्पूर्ण एशिया सहित अफ्रीका और यूरोप भी

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अग्नि 5
अग्नि 5

भारत वर्ष के महान वैज्ञानिकों ने अग्नि 5 का सफलतम परिक्षण करके भारत की सामरिक क्षमता में एक क्रांतिकारी परिवर्तन कर दिखाया हैं साथ यह भी साबित कर दिया हैं कि भलें ही हमें आजादी बाद में मिली हो, भलें ही हमारे देश को सांप और बिच्छू दिखाने वालों या फिर बन्दर का नाच नचाने वाले मदारियों के देश की संज्ञा दी गयी हो लेकिन दिमाग के मामले में आज भी हम विश्व गुरु हैं …

हमारे देश के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया हैं कि हमें किसी भी विषम से विषम परिस्थिति का सामना हंस करना अभी भी आता हैं और आज भी हम में अपने पूर्वजों की ही तरह समुद्र लांघना भी आता हैं, अग्नि 5 मिसाइल हमारे देश के वैज्ञानिकों ही नहीं वर्तमान हिन्दुस्तान की बौद्धिक क्षमता का भी प्रमाण हैं…

अग्नि 5 के सफलतम परिक्षण के साथ ही हमारा भारत वर्ष दुनिया के उन पांच देशों की श्रखला में अपना नाम दर्ज करा चुका हैं जिनके पास पहले से ही अंतर महाद्वीपीय यानी इंटरकोंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल हैं, भारत से पहले अंतर महाद्वीपीय यानी इंटरकोंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल रखने वाले देश अमेरिका, फ़्रांस, रूस और चीन हैं…

१० सालों के अन्दर भारत ने विकसित की हैं अंतर महाद्वीपीय यानी इंटरकोंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 5 मिसाइल आप सभी को ज्ञात हो कि भारत ने वर्ष 2002 में अग्नि-१ मिसाइल जो कि माध्यम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल थी जिसकी क्षमता मात्र 700 किलोमीटर तक ही थी और इसके साथ मात्र 1000 किलो तक के परमाणु हथियार ले जाय जा सकते थे फिर इसके बाद भारत ने क्रमशः अग्नि -2,अग्नि -3,अग्नि-4 मिसाइलें लांच की यह सभी इंटरमीडियट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें थी इनकी मारक क्षमता भी 2000 से 3500 किलो मीटर तक ही थी …

लेकिन अब भारत ने जिस अभेद अग्नि-5 का परिक्षण किया हैं इसकी मारक क्षमता 5000 किलोमीटर तक की होगी और अगर इसकी मारक क्षमता की विस्तृत बात करें तो यह मिसाइल 1 टन का पे-लोड ले जाने में सक्षम हैं, खुद अग्नि-5 का वजन 50 टन हैं, अग्नि -5 की लम्बाई 17 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर हैं, सबसे बडी बात यह हैं कि अग्नि -5 का निशाना बहुत गजब का हैं यह मिसाइल मात्र 20 मिनट में 5000 किलोमीटर की दूरी तय कर लेगी और मात्र डेढ़ मीटर के टारगेट पर निशाना भी लगा लेगी…

अब चीनी अंतर महाद्वीपीय यानी इंटरकोंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल डोंगफेंग 31A को अग्नि-5 से कड़ी टक्कर मिलेगी क्यू की अब अग्नि-5 की रेंज में चीन का सबसे उत्तरी शहर हार्बिन भी आ जाता हैं जो चीन के डर की सबसे बड़ी वजह हैं बन गयी हैं …

मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं –

१) अग्नि-5 के परिक्षण के साथ ही भारत अंतर महाद्वीपीय यानी इंटरकोंटीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल(ICBM) में शामिल हो चुका हैं, अम्रीका, फ़्रांस, रूस और चीन पहले से ही इस क्लब का हिस्सा हैं …

२) अग्नि -5 का निशाना अचूक हैं यह मात्र 20 मिनट में 5000 किलो मीटर की दूरी तय कर लेगी और मात्र डेढ़ मीटर के टारगेट पर निशाना भी लगा लेगी…

३) अग्नि-5 के सफल परीक्षण के साथ ही भारत के सामरिक क्षमता में बड़ा बदलाव आया हैं, इस मिसाइल से अब अमेरिका को छोड़ पूरा एशिया, यूरोप और अफ्रीका भारत के दायरे में हैं …

४) यह मिसाइल अगर एक बार छोड़ दी गयी तो फिर इसे रोका नहीं जा सकता हैं, यह अपने साथ 1000 किलो के न्यूक्लियर हथियार भी ले जा सकती हैं …

५) यह भारत की अब तक सबसे दूर तक मार करने वाली मिसाइल हैं …

६) अग्नि -5 मिसाइल की तकनीक छोटे सेटेलाईट छोड़ने में भी इस्तेमाल हो सकती हैं और इतना ही नहीं दुश्मनों के सेटेलाईट नष्ट भी किये जा सकते हैं इसकी मदद से …

७) केवल भारत के प्रधानमंत्री के ही आदेश के उपरांत इसे छोड़ा जा सकता हैं …

८) भारत वर्ष इसे पीस ऑफ़ वेपन कह रहा हैं

९) इसको तैयार करने में लगभग 50 करोंड़ रुपये की लगत आई हैं …

१०) यह पूर्ण रूप से स्वदेशी हैं इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के द्वारा तैयार किया गया हैं …

 

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