जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट के स्टे पर भिड़े भारत और पाकिस्तान

0
174


नई दिल्ली : बुधवार को विदेश मंत्रालय ने सेवानिवृत्ति ऑफ़िसर केदार जाधव की फाँसी पर रोक के लिए इंटर्नैशनल अदालत का सहारा लिया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि हमने इंटरनेशनल कोर्ट जाने का फैसला इसलिए लिया क्यूँकि पाकिस्तान में जाधव को अवैध रूप से क़ैद में रखा गया है और वहाँ ऑफ़िसर की जान को ख़तरा है ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग़ले ने कहा की जाधव के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान से दूतावास सम्पर्क के लिए सोलह बार अनुरोध किया लेकिन उसने इंकार कर दिया । इसके बाद मौखिक और लिखित में भी कई बार जाधव मामले में चलायी गयी प्रक्रिया के दस्तावेज़ माँगे गए लेकिन पाकिस्तान ने इस माँग पर भी कोई जवाब नहीं दिया, इसके बाद हमने इंटर्नैशनल कोर्ट जाने का फ़ैसला लिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि जाधव को ईरान से किड्नैप कर पाकिस्तान में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है जहाँ उनकी जिंदगी को खतरा है। क्यूँकि इस मामले में निष्पक्ष जाँच का मौक़ा नहीं दिया गया इसलिए हमें ऐसा क़दम उठाना पड़ा। हरीश सालवे इस मामले में भारत की ओर से वक़ील हैं । मामले की अगली सुनवायी पंद्रह मई को सम्भावित है।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने २७ अप्रैल को,पाकिस्तान सरकार के विदेशी सलाहकार सरताज अज़ीज़ को लेटर लिखकर जाधव के परिवार को वीज़ा देने की माँग की लेकिन उनके परिवार को वीज़ा देने से भी माना कर दिया गया । गृहराज्य मंत्री हंसराज अहिर ने कहा कि जाधव की फाँसी पर रोक मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here