भारत और रूस मिलकर बनाने जा रहे है ऐसा खतरनाक लड़ाकू विमान, थर्रा उठेंगे चीन और पाकिस्तान

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भारत रूस की दोस्ती कई दशकों पुरानी है और जैसे-जैसे समय आगे बढ़ रहा है दोनों ही देशों की दोस्ती और अधिक मजबूत और एतिहासिक होती चली जा रही है | हाल ही में भारत सरकार और रूस मिलकर एक ऐसे सौदे को अंजाम तक पहुंचाने जा रहे है जिसके बाद दुनिया के यह दोनों बेहद शक्तिशाली राष्ट्र और अधिक शक्तिशाली हो जायेंगे |

दरअसल आपको बता दें कि भारत रूस दोनों साथ में मिलकर 5th जनरेशन के फाइटर जेट्स (लड़ाकू विमान) FGFA बनाने जा रहे है | इसके लिए दोनों ही देशों के बीच लगभग सभी औपचरिकतायें भी पूरी हो चुकी है |

दोनों ही देशों के बीच होने वाली इस डील के तहत भारत अपने सुखोई 30-MKI विमानों को जो भारत को रूस से मिले है और यह 4th जनरेशन के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान माने जाते है को सुपर सुखोई में बदल दिया जाएगा | सुखोई-30 को सुपर सुखोई में बदलने के बाद इन विमानों की ताकत में कई गुना की बढ़ोत्तरी हो जायेगी साथ ही सुपर सुखोई में दुनिया की सबसे घातक मिसाइल ब्रह्मोस को भी भारत लगा रहा है | दरअसल अगर हम रिपोर्ट की बात करें तो भारतीय वायु सेना को चीन और पाकिस्तान दोनों से एक साथ निपटने के लिए फाइटर जेट्स के तक़रीबन 42 स्क्वाड्रन चाहिए जबकि अभी भारतीय वायुसेना के पास केवल 33 स्क्वाड्रन है लेकिन मोदी सरकार बहुत ही तेजी के साथ अपनी सेनाओं को मजबूती देने में लगी हुई है |

आपको बता दें कि भारत के पास फिलहाल 33 स्क्वाड्रन है जिनमें से 11 स्क्वाड्रन मिग-21 और मिग-27 की है जिनकी हालत कुछ ज्यादा ठीक नहीं है | इन्हें समय के साथ साथ अपग्रेड करने की आवश्यकता है | आज अक्सर इन मिग विमानों में हादसे होते रहते है | मोदी सरकार जल्द ही इन मिग विमानों को रिटायर कर इनके स्थान पर स्वदेशी तेजस विमानों को तैनात करना चाहती है | इसकी शुरुआत भी हो चुकी है |

5 जनरेशन फाइटर जेट्स बनाएगा भारत –
बता दें कि चीन और पाकिस्तान के लगातार बढती नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना को तक़रीबन 42 स्क्वाड्रन चाहिए जबकि भारत के पास अभी केवल 33 ही है | इसीलिए भारत अब दुनिया के सबसे अत्याधुनिक माने जाने वाले 5th जनरेशन फाइटर जेट्स बनाने की तैयारी पूरी कर ली है | भारत रूस के साथ मिलकर तक़रीबन 127 फाइटर जेट बनाने जा रहा है | इन विमानों को बनाने में तक़रीबन 25 बिलियन डालर का खर्च आएगा | यह सभी विमान सिंगल सीटर मल्टीरोल फाइटर जेट्स होंगे |

दुनिया की एकमात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल रक्षाप्रणाली से लैस वायुसेना है –
आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना दुनिया की एकमात्र और पहली वायुसेना है जिसके पास सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल रक्षाप्रणाली है और यह मिसाइल रक्षा प्रणाली भारत रूस की दोस्ती की सबसे बड़ी मिसाल है | दरअसल आपको बता दें कि भारत रूस ने मिलकर ही इस मिसाइल को डेवलप किया था | अब इस मिसाइल को भारतीय वायुसेना के अग्रिम मोर्चे के सबसे बेहतरीन लड्कू जेट्स सुखोई-30 mki पर तैनात कर दिया है | इस मिसाइल के वायुसेना के सुखोई विमानों में लगने के बाद सुखोई की मारक क्षमता में 300 किमी का और इज़ाफा हो गया है |

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