व्यापर बढ़ाने को लेकर भारत और रूस के बीच सीमा शुल्क पर समझौता

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi in bilateral meeting with the President of Russian Federation, Mr. Vladimir Putin, at Congress Hall, in Ufa, Russia on July 08, 2015.
फोटो क्रेडिट – PIB

भारत और रूस के बीच आपसी व्यापार का स्तर अभी काफी कम है | दोनों ही देशों ने व्यापार में आपसी बाधाएं दूर करने और व्यापार संवर्धन के लिए सीमा शुल्क के क्षेत्र से सहयोग तथा कारोबारी वीजा उदार बनाने के संबंध में एक समझौता किया है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आठ जुलाई को उफा में हुई आपसी मुलाकात के दौरान व्यापारिक संबंध बढ़ाने के विषय में भी चर्चा की। दोनों देशों ने 2025 तक आपसी व्यापार को 9.51 अरब डालर से बढ़ाकर 30 अरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

रूस में भारत के राजदूत ने उफा बैठक का हवाला देते हुए कहा, ‘दोनों देशों के नेताओं ने मोटे तौर पर स्वीकार किया है कि व्यापर और निवेश अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।’ उन्होंने कहा कि संपर्क सुविधाओं की कमी, भाषा संबंधी बाधाओं, वीजा बाधाएं और नियमन जैसे विभिन्न कारणों से आपसी व्यापार कम रहा है।

उन्होंने कहा, ‘दूरियां लंबी है, जहाजरानी मार्ग बहुत लंबा और खर्चीला है। राजनैतिक वजहों और सुरक्षा संबंधी वजहों से भूतल संपर्क नहीं है।हम इन सबको दूर करके व्यापार बढ़ाने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘रूस से साथ हम उत्तर दक्षिण गलियां खोलने पर काम कर रहे हैं ताकि भारत से ईरान और मध्य एशिया में व्यापार हो सके। हमने इस मामले में सभी संबद्ध पक्षों के साथ प्रगति की है। इससे माल ढुलाई का समय लगभग आधा रह जाएगा और भारतीय उत्पाद प्रतिस्पर्धी रहेंगे।’

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