भारत ने दिया पाकिस्तान को दो टूक जवाब, कहा -क्षेत्र में शांति चाहता है पाकिस्तान तो आतंकियों पर लगाये अंकुश

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vikas swaroop

दिल्ली- हाल ही में जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद अचानक कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा और विद्रोह के पीछे पाकिस्तानी हाथ है यह सर्वविदित है | अब इसी के चलते भारत ने भी पाकिस्तान को दो टूक जवाब दे दिया है | भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा है कि, ‘पाकिस्तान अगर क्षेत्र में शांति चाहता है तो उसे हाफ़िज़ सईद जैसे आतंकियों पर अंकुश लगाना होगा | क्योंकि स्थायी शांति के लिए ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है |’

पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता है यह जग जाहिर है –
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा है कि, ‘आज जो भी कश्मीर में हो रहा है और जिस तरह से हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी और उसके 3 साथियों के भारतीय सुरक्षाबलों के मारे जाने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से लेकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख तक ने आँसू बहाए है उससे यह साफ़ हो जाता है कि पाकिस्तानी सरकार और सेना आतंकियों को कितना और किस कदर समर्थन देती है | स्वरूप ने कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के प्रयास को ”संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए आत्म केंद्रित कदम” करार दिया |

पाकिस्तान के कहने से आतंकवाद की परिभाषा में कोई बदलाव नहीं होगा –
विकास स्वरुप ने कहा है कि पाकिस्तान चाहे कितनी भी दलीलें दे ले चाहे कितना भी राग अलाप ले पाकिस्तान के कहने से या फिर उसकी दलीलों से आतंकवाद की परिभाषा नहीं बदलने वाली है | उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया है कि भारत नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त को इस मामले पर तलब नहीं करने वाली है क्योंकि यह भारत का आंतरिक मामला है और भारत इस मामले पर खुद निपटना जनता है | हम इसमें पाकिस्तान कि दखल कतई बर्दास्त नहीं करेंगे |

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने यह भी कहा है कि जब इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त को इस मामले पर तलब किया गया था उन्होंने भी इस्लामाबाद को यह साफ़ सन्देश दे दिया है कि यह भारत का आंतरिक मामला है और भारत इस मामले पर जरा भी पाकिस्तान की दखल को बर्दास्त नहीं करेगा | उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने इस मामले में उन्हें जारी ‘डिमार्श’ को भी खारिज कर दिया है |

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