भारतीय थल सेना के बाद अब वायु सेना के बेड़े में भी शामिल हो गयी सुपरसोनिक आकाश मिसाइल

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The CMD, Bharat Electronics Limited (BEL), Shri S.K. Sharma handing over the notional Key of Akash Missile system  to the Union Minister for Defence, Shri Manohar Parrikar, at an Induction ceremony, at Air Force Station Gwalior, Madhya Pradesh on July 10, 2015. The Chief of the Air Staff, Air Chief Marshal Arup Raha (photo credit-PIB)
भारत इलेक्ट्रॉनिक के सी.एम्.डी. एस.के. शर्मा आकाश मिसाइल की चाभी को रक्षामंत्री श्री मनोहर परिर्कर को सौंपते हुए साथ में हैं भारतीय वायु सेना के चीफ अरूप राहा (photo credit-PIB)

जमीन से हवा में मार करने में सक्षम पूरी तरह से स्वदेशी आकाश मिसाइल आज वायु सेना के बेड़े में शामिल हो चुकी हैं I आज देश के रक्षा मंत्री श्री मनोहर परिर्कर ने मध्यप्रदेश के महाराजपुर वायुसेना स्टेशन ग्वालियर में एक कार्यक्रम के दौरान इस सुपरसोनिक मिसाइल की चाभी भारत के वायु सेना अध्यक्ष अरूप राहा को सौंप दी I इस मिसाइल को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मेकइन इंडिया कार्यक्रम के तहत बनाया गया हैं और यह पूरी तरह स्वदेश में ही निर्मित मिसाइल हैं I

सूत्रों के माध्यम से प्राप्त खबर के अनुसार यह मिसाइल जमीन से हवा में ही अपने दुश्मन को मार गिराने में सक्षम हैं I यह मिसाइल भारतीय थल सेना के पास तो पहले से ही थी लेकिन आज इसे ग्वालियर में हुए क्रायक्रम के बाद वायुसेना को भी सौंप दिया गया I प्राप्त सूचना के अनुसार इस मिसाइल की मारक गति ध्वनि की रफ़्तार से भी तीन गुना तेज हैं यानिकी हम यह कह सकते हैं कि पलक झपकते ही दुश्मनों का सफाया कर देने में सक्षम हैं यह मिसाइल I और सबसे बड़ी ख़ास बात इस मिसाइल की यह भी हैं कि यह मिसाइल जल-थल-वायु के जरिये कहीं भी ले जाई जा सकती हैं I

 

The Union Minister for Defence, Shri Manohar Parrikar reviewing a Guard of Honour, on the occasion of the Induction ceremony of Akash Missile into Indian Air Force (IAF), at Air Force Station Gwalior, Madhya Pradesh on July 10, 2015.
सुपरसोनिक आकश मिसाइल के भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होने के वक्त गार्ड ऑफ़ ऑनर लेते हुए रक्षा मंत्री श्री मनोहर परिर्कर (photo credit-PIB)

रक्षा विशेषज्ञों का मानना हैं कि यह मिसाइल एक ही साथ 8 लक्ष्यों को निशाना बना सकती हैं I इसकी रफ़्तार ध्वनि की रफ़्तार से भी तीन गुना तेज हैं और यह एक ही स्थान से अपने से कम से कम 25 किलोमीटर की दूरी पर उड़ रहे किसी भी दुश्मन के हथियार को निशाना बना कर पलक झपकते ही नष्ट कर सकती हैं I

इस मिसाइल को बनाने में डी.आर.डी.ओ. और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) लिमिटेड तथा निजी क्षेत्रों की कंपनियों ने मिलकर एक साथ काम किया हैं और इसे तैयार किया हैं I हम आशा करते हैं कि इस मिसाइल के भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल होने की वजह से भारतीय वायु सेना के हौसले और अधिक बुलंद हुए हैं I

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