साकार होने जा रहा है भारतीय वायु सेना का सपना, 1 जुलाई को बनेगी तेजस की पहली स्क्वाड्रन

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दिल्ली- भारतीय वायु सेना का वर्षों पुराना सपना 1 जुलाई को साकार होने जा रहा है | भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहली बार स्वदेशी लड़ाकू विमानों का जत्था भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए पूर्णतः तैयार हो चुका है और यह आगामी 1 जुलाई को भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल भी हो जाएगा | हालाँकि भारतीय वायु सेना की इस स्क्वाड्रन में केवल 2 विमान ही होंगे लेकिन जल्द ही इस स्क्वाड्रन को पूरा कर लिया जाएगा |

जानें क्या है तेजस की खासियत –
तेजस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तेजस 100 प्रतिशत शुद्ध देशी युद्धक विमान है | इसे पूर्णतः भारत में ही विकसित किया गया है | यह दुनिया का सबसे हल्का फाइटर जेट है और इसे एक ही पायलट आसानी से उड़ा सकता है |

तेजस में युद्ध के दौरान जरुरत पड़ने पर किसी भी प्रकार के परिवर्तन के लिए या फिर खराबी के दौरान उसे ठीक करने के लिए किसी भी प्रकार के उपकरण के लिए भारतीय वायु सेना को विदेशों का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा | भारतीय वैज्ञानिक ही इसे तुरंत ठीक कर सकते है |

तेजस चूँकि पूर्णतः हिन्दुस्तान में ही विकसित एयरक्राफ्ट है इसीलिए इसकी लागत भी बाकी के विदेशी विमानों की अपेक्षा काफी कम है | साथ ही आने वाले समय हिन्दुस्तान तेजस को बाकी देशों को बेचकर अच्छा पैसा कमा सकता है |

आने वाले समय में भारत तेजस मार्क-1 और तेजस मार्क-2 जैसे अत्याधुनिक विमान भी विकसित कर रहा है | यह विमान आज के तेजस से बहुत अलग और बेहद ख़ास होंगे |

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