बच गया पाकिस्तान – कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर हमला करने ही वाली थी भारतीय वायु सेना

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दिल्ली- बच गया था पाकिस्तान कुछ ऐसा मुंह से निकल रहा है | दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान हुआ ही कुछ ऐसा था कि बस यही एक शब्द पाकिस्तान के बारे में निकलता है कि बच गया था पाकिस्तान नहीं तो आज नक़्शे से दुनिया का एक देश गायब ही होता |

दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ ही कुछ इस कदर गया था कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के सभी सैन्य ठिकानों पर बम बरसाने की पूरी योजना बना ली थी | 13 जून 1999 की रात को ही भारतीय वायु सेना ने यह तय कर लिया था कि 14 जून की सुबह-सुबह भारतीय वायु सेना अपने बेहतरीन मिराज और जगुआर विमानों से पाकिस्तान के किन-किन सैनिक संस्थानों पर हवाई हमला करने वाले थे |

मीडिया में आई ख़बरों के आधार पर बाताया जा रहा है कि, इस मिशन को अंजाम देने के लिए भारतीय वायु सेना के पायलट्स को पूरी तरह से तैयार कर दिया गया था और उन्हें भारतीय सीमा से लगे हुए उनके टारगेट्स भी बता दिए गए थे कि उन्हें पाकिस्तान के किन-किन हवाई अड्डों पर और सैनिक प्रतिष्ठानों को नष्ट करना है | अगर ऐसा हो जाता तो आज शायद भारत और पाकिस्तान के बीच का कारगिल संघर्ष दो परमाणु तकनीक से लैस देशों को भयंकर विनाश की तरफ लेकर जा सकती थी | लेकिन हाँ शायद उसके बाद पाकिस्तान कभी भी किसी भी प्रकार की नापाक हरकत करने लायक नहीं बचता यह भी तय था |

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दरअसल भारतीय वायुसेना का पाकिस्तान के ऊपर हवाई हमला करने का एकमात्र कारण तब आवश्यक हो गया जब भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री सरताज अज़ीज़ के बीच अंतिम दौर की बातचीत पूर्णतः असफल हो गयी थी | भारत ने पाकिस्तान के सामने संघर्ष विराम की सीधे तौर पर कुछ शर्ते रख दी थी | भारत ने पाकिस्तान को बहुत ही सख्त लहजे में कहा था कि सबसे पहले पाकिस्तान कारगिल के सभी घुसपैठियों को वापस बुलाये उसके बाद नए सिरे नियंत्रण रेखा की मांग को छोड़कर दशकों पुरानी नियंत्रण रेखा को ही मान्यता दे तथा भारतीय कैप्टन सौरभ कालिया और उनके 6 साथियों के साथ पाकिस्तानी सेना या फिर घुसपैठियों ने जो ब्यवहार किया था उसके सभी दोषियों के ऊपर पाकिस्तान सख्त से सख्त कार्यवाही करे |

पाकिस्तान के इन शर्तों के न मानने के बाद जैसे ही पाकिस्तानी विदेश मंत्री सरताज अज़ीज़ पाकिस्तान पहुंचे कि यहाँ भारत में तुरंत ही अगली सुबह भारतीय वायुसेना को पाकिस्तान पर हमला करने के आदेश दे दिए गए थे |

इस मामले पर भारतीय वायु सेना को क्या करना था और कैसे करना था यह सभी इंडियन एयरफ़ोर्स के दस्तावेजों में दर्ज है | दरअसल आपको बता दें कि पाकिस्तान के विदेशमंत्री सरताज़ अज़ीज़ के वापस जाने के बाद 1600 बजे भारतीय वायुसेना के पायलट्स को ब्रीफिंग के लिए बुलाया गया था और उन्हें अगली सुबह क्या करना है इसकी पूरी जानकारी दी गयी थी और तैयार रहने के लिए कहा था | यह वाकया एयरफोर्स के 17 स्क्वॉड्रन की डायरी में दर्ज है | इस स्क्वॉड्रन को गोल्डन एरोज नाम से जाना जाता है | यह स्क्वॉड्रन श्रीनगर स्थित एयरफोर्स बेस से अपना काम करता है | डायरी में लिखा हुआ है कि चार एयरक्राफ्ट को पहले बॉम्बिंग मिशन का हिस्सा बनाया जाए |

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भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों में आजतक कभी भारत ने पाकिस्तान को जीतने तो छोडिये खड़े होने का भी मौका नहीं दिया है | भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 4 युद्ध लडे जा चुके है और इन सभी युद्धों में पाकिस्तान को बुरी तरह से मुंह की खानी पड़ी है |

आखिर में भारतीय वायुसेना और भारत सरकार ने यह प्लान क्यों रद्द कर दिया यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन यह अवश्य है कि अगर ऐसा होता तो शायद आज पाकिस्तान जिस तरह से बिना सर पैर की बातें करता है और अपने नाम के बिलकुल विपरीत सभी नापाक हरकतें करता है शायद वह सब न कर रहा होता |
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