कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत भारतीय सौर ऊर्जा निगम का नया नामकरण भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा निगम किया गया

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) को कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सेक्शन 8 कंपनी से सेक्शन 3 कंपनी में परिवर्तित करने और इसे नया नाम – भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा निगम(आरईसीआई) देने के लिए कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन करने की अनुमति सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) को दे दी।

इस निर्णय के कुछ महत्वपूर्ण प्रभाव होंगेः-

(1) एसईसीआई स्वयं की शक्ति संपन्न तथा स्व-सृजन संगठन होगी।

(2) एसईसीआई अपने सौर ऊर्जा संयंत्रों में उत्पादन और बिक्री करेगी तथा सौर उत्पाद तथा सामग्री निर्माण सहित ऊर्जा के अन्य वर्गों की गतिविधियों में शामिल होगी।

(3) नाम परिवर्तन के बाद यह आरईसीआई बन जाएगी और फिर नवीकरणनीय ऊर्जा के सभी क्षेत्रों यानी जियो थर्मल , अपतटीय पवन, चक्रवाती पवन में विकास कार्य करेगी।

कंपनी अधिनियम का सेक्शन 8 ( इससे पूर्व कंपनी अधिनियम , 1956 के सेक्शन 25) में दान उद्देश्य के साथ कंपनियां बनाने का प्रावधान है। इसके तहत कंपनी का वाणिज्यिक पक्ष और विकास पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। सेक्शन तीन में उद्देश्य को सीमित नहीं किया गया है और यह विशेष रूप से वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए है। इससे कंपनी का विकास होगा। इसका अर्थ यह है कि की सेक्शन 8 के तहत आने वाली कंपनियां केवल वाणिज्य , कला , विज्ञान , खेल-कूद , शिक्षा , अनुसंधान , समाज कल्याण , धर्म , दान आदि गतिविधियों में शामिल हो सकती हैं लेकिन लाभ प्राप्ति और लाभांश वितरण के लिए व्यापार ,खरीदारी , बिक्री आदि में शामिल नहीं हो सकतीं।

सरकार ने एसईसीआई की गतिविधियों का दायरा सभी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों तक बढ़ाने का भी निर्णय लिय़ा है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए व्यापक एवं अधिकतम समाधान करना है। सौर , पवन तथा लघु हाइड्रो उत्पादन इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। इससे संप्रेसण तथा वितरण पर दबाव कम होगा और परिणामस्वरूप बेहतर ग्रिड प्रबंधन होगा। इस पक्ष पर विचार करते हुए सरकार ने एसईसीआ को नाम बदल कर नया नाम- भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा निगम (आरईसीआई) रखने की अनुमति दी।

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