भारत सरकार बनाने जा रही है दुनिया के सबसे शानदार पांचवी पीढ़ी के विमान

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ध्वनि की गति से तेज रफ्तार से उडान भरने वाले भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के सबसे खतरनाक लडाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई अब ध्वनि की गति से भी तीव्र, मिसाइल ब्रह्मोस से लैस हो गया है। इतना ही नहीं दुनिया के सबसे अत्याधुनिक आएसा रेडार लगा होने के कारण यह विमान पांचवी पीढी की क्षमता वाला विमान बन जाएगा। आएसा रेडार लगने के बाद सुखोई एक ही साथ एक ही स्थान से कम से कम 30 हमलवार विमानों पर नजर रख सकता है और ने केवल यह नजर रख सकता है बल्कि उन विमानों को नष्ट करने के लिए विमान में लगी मिसाइलों को भी एक्टिव कर सकता है |

ज्ञात हो कि सुखाई-30 लडाकू विमान दुश्मन के गहराई तक इलाके में मार करने वाला विमान है इसे हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड के नासिक स्थित सेंटर में रूस के सहयोग से तैयार किया जा रहा है | यह भी ज्ञात हो कि अब भारत सरकार ने सुखोई एमकेआई-30 विमानों को दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से भी लैस कर दिया है | इस मिसाइल से लैस होने के बाद वैसे भी सुखोई दुनिया के सबसे खतरनाक फाइटर जेट्स के अग्रिम मोर्चे में शामिल हो चुका है |

5वीं पीढ़ी के विमान विकसित करने की तैयारी में है भारत सरकार –
बता दें कि भारत सरकार बेहद तेजी के साथ काम करते हुए दुनिया के सबसे बेहतरीन पांचवीं पीढ़ी के उन्नत विमान तैयार करने की तैयारी में जुटी है | भारतीय वायुसेना ने और सरकार ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि सबसे पहले सुखोई-30 एमकेआई को मिसाइलों और उन्नत रेडार सिस्टम से लैस करके इसे ही पांचवीं पीढ़ी के विमान में बदल दिया जाय |

आएसा रडार से लैस होगा सुखोई एमकेआई-30
सुखोई विमानों को पांचवीं पीढ़ी के उन्नत विमानों की श्रंखला में खड़ा करने के लिए भारतीय वायुसेना और भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि सुखोई एमकेआई-30 में वे दुनिया के सबसे अत्याधुनिक राडार सिस्टम आएसा को लगायेंगे | इसके बाद सुखोई दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट्स में से एक होगा | क्योंकि आएसा रेडार सिस्टम लगने के बाद सुखोई एक ही साथ कम से कम 30 विमानों पर नजर रख सकेगा और न केवल नजर रख सकेगा बल्कि उन्हें हवा में ही मार गिराने के लिए अपनी मिसाइलों को भी छोड़ सकेगा |

दुनिया की सबसे तेज मिसाइल ब्रह्मोस से लैस हो चुका है सुखोई-30
बता दें कि सुखोई एमकेआई -30 विमानों को भारतीय वायुसेना हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर इस तरह से बदल चुकी है कि उन सभी विमानों में दुनिया की सबसे घातक मिसाइल ब्रह्मोस को लगाया जा सके | ब्रह्मोस के लगने के बाद सुखोई की मारक क्षमता 300 किमी और बढ़ जायेगी | दूसरी सबसे बड़ी बात ब्रह्मोस के साथ जुड़ने से यह हो जायेगी सुखोई एमकेआई-30 का निशाना बिलकुल अचूक हो जाएगा |

लागत-
सूत्रों के अनुसार सुखोई को सुपर सुखोई में बदलने की लागत क्या आई है, इस पर फैसला सभी अतिरिक्त प्रणालियों के चयन के बाद ही लिया जा सकेगा | लेकिन सूत्रों का कहना है कि हर सुखोई को सुपर सुखोई में बदलने में करीब दो करोड डॉलर (करीब सौ करोड रुपये) की लागत आ सकती है |

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