भारतीय हथकरघा ब्रांड ऑनलाइन हुआ |

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Handloom‘भारतीय हथकरघा’ ब्रांड की एकीकृत वेबसाइट www.indiahandloombrand.gov.in का आज सुश्री रश्मि वर्मा, सचिव कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार ने शुभारंभ किया। यह वेबसाइट उपभोक्ताओं, थोक खरीदारों और हथकरघा उत्पादकों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराने के लिए एकल स्‍थान मंच है।

यह वेबसाइट सभी पंजीकृत भारतीय हथकरघा उत्पादकों का पूरा विवरण उपलब्‍ध कराएगी, जिससे ग्राहकों को वास्तविक भारतीय हथकरघा उत्पादों का सत्यापन करने में सहायता मिलेगी। वे पंजीकरण संख्‍या के माध्यम से ब्रांड ‘लोगों’ की वास्‍तविकता का सत्‍यापन करने में सक्षम होंगे। यह पंजीकरण संख्‍या उत्पाद के प्रत्‍येक लेबल पर छपी होती है। यह वेबसाइट खुदरा स्टोर और ई-वाणिज्य मंच के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराएगी, जहां से भारतीय हथकरघा के ब्रांडेड उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। इस वेबसाइट पर प्रत्‍येक उत्पाद श्रेणी का संक्षिप्त विवरण और वास्तविक उत्पादों की पहचान करने की जानकारी भी उपलब्‍ध होगी। भारतीय हथकरघा ब्रांड उत्पादकों से संपर्क करने के विवरण भी खुदरा स्टोर, परिधान निर्माताओं जैसे बड़े खरीदारों के लिए उपलब्‍ध हैं, जिससे वे ब्रांड के अंतर्गत पंजीकृत हथकरघा उत्पादकों तक सीधे पहुंच स्‍थापित करने में सक्षम होंगे। वेबसाइट में एक ऐसा खंड भी है, जहां हथकरघा उत्पादक ब्रांड के अधीन पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति का भी पता लगा सकते हैं।

वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए कपड़ा सचिव ने कहा कि सरकार हथकरघा उद्योग के विकास और हथकरघा बुनकरों की मजदूरी बढ़ाने के लिए हथकरघा उत्पादों की बाजार स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह वेबसाइट इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगी और उपभोक्ताओं के साथ-साथ हथकरघा उत्पादन एजेंसियों के लिए भी अनुकूल सिद्ध होगी।

‘भारतीय हथकरघा’ ब्रांड का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा पहले राष्‍ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर 7 अगस्त, 2015 को किया गया था। यह दिवस सामाजिक और पर्यावरण अनुपालन के अलावा कच्चे माल, प्रसंस्करण, बुनाई, डिजाइन और अन्य मानकों के रूप में हथकरघा उत्पादों की गुणवत्ता के समर्थन में आयोजित किया गया। इसका मुख्‍य उद्देश्‍य पर्यावरण पर कोई प्रभाव डाले बिना, दोष रहित, हाथ से बुने, प्रमाणिक विशिष्‍ट उत्‍पादनों के प्रति विशेष ध्‍यान देकर ग्राहकों का विश्‍वास जीतने के लिए नये डिजाइन वाले गुणवत्‍ता युक्‍त उत्‍पादों के उत्‍पादन को बढ़ावा देना है। ब्रांड के अंदर पंजीकरण भारत सरकार की प्रयोगशाला में नमूनों की कड़ाई से जांच करने के बाद ही दिया जाता है।

10 फ़रवरी 2016 तक, 121 हथकरघा उत्पादन एजेंसियों/उद्यमों को 33 उत्पाद श्रेणियों में ब्रांड के अधीन पंजीकरण किया गया है। इस क्षेत्र में 43 लाख से अधिक व्‍यक्ति कार्यरत हैं और इस क्षेत्र का वार्षिक उत्‍पादन 720 करोड़ वर्ग मीटर है, जो कुल कपड़ा क्षेत्र का 14 प्रतिशत है। यह क्षेत्र ग्रामीण महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों को भारी संख्या में आजीविका उपलब्‍ध कराता है। हथकरघा विकास आयुक्त, कपड़ा मंत्रालय राज्य सरकारों की भागीदार में इस क्षेत्र के विकास के लिए जिम्मेदार है। 28 बुनकर सेवा केन्द्रों और 10 भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान भी उनकी सहायता करते है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम गुणवत्ता युक्‍त यार्न, डाइज और रसायनों की आपूर्ति के लिए उत्‍तरदायी है।

पावरलूम क्षेत्र द्वारा दी जा रही प्रतियोगिता की मुख्‍य चुनौतियों और गुणवत्‍ता के बारे में उपभोक्ताओं की चिंता, बुनकरों की मजदूरी में स्थिरता जैसे मुद्दों से निपटने के लिए और उपभोक्‍ताओं की संतुष्टि और बुनकरों को लाभदायक आय सुलभ कराने के लिए उच्‍च मूल्‍य के अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले उत्‍पादों को बढ़ाना इस नई रणनीति का उद्देश्‍य है। गुणवत्‍ता युक्‍त उत्‍पादन में मदद करने के लिए ब्लॉक स्तर समूह पहुंच और बाजार की स्थिति सुधारने के लिए ‘भारतीय हथकरघा’ ब्रांड इस नई रणनीति के दो मुख्‍य तत्‍व हैं।

सफलता की कहानियों ने यह उजागर किया है कि हथकरघा की संख्या के साथ-साथ वहीं रोजगारों में वृद्धि हुई है, जहां बाजार में गुणवत्‍ता युक्‍त हथकरघा उत्पादों की बुनाई में मदद देने वाले डिजाइन हस्‍तक्षेप शुरू किये गये हैं। ऐसे प्रयासों को ‘भारतीय हथकरघा’ ब्रांड की शुरूआत द्वारा और मजबूत किया जा रहा है।

अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार श्री जे. के. दादू, हथकरघा विकास आयुक्त श्री आलोक कुमार तथा कपड़ा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
Source – PIB

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