बिना पानी ही घंटों तक दौड़ती रही भारतीय एथलीट, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने नहीं मुहैया कराया पानी

0
600

jaisha.

रियो ओलंपिक के दौरान भारतीय खेल संघ की अनदेखी सामने आई है, जहां भारत की ओर से महिला मैराथन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही ओ. पी. जैश को एक बूँद पानी के बिना ही लगातार 2 घंटे 47 मिनट और 19 सेकंड दौड़ना पड़ा, देश के सम्मान की रक्षा के लिए जैश बिना रुके लगातार दौड़ती तो रही पर फिनिश लाइन तक पहुँचते-पहुँचते उनके शरीर से प्राण लगभग जा चुके थे और वो फिनिश लाइन पर पहुँचते ही बेहोश हो गयी, और इन सब के पीछे हरबार की तरह ही कारण वही था खेल और खिलाडियों की अनदेखी, और अब जब जैश के होश में आने के बाद चीजों का खुलासा हुआ तो सब अपनी – अपनी कुर्सी और प्रतिष्ठा बचने में लगे हैं, और खिलाड़ी और उसके कोच को ही दोषी ठहरा रहे हैं |

जैश ने बतया कि “वहां बहुत गर्मी थी और मेरी स्पर्धा सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई थी , मै तेज गर्मी में दौड़ रही थी वहां हर 2 किलोमीटर पर हर देश का स्टाल था और वे अपने खिलाडियों को पानी और एनर्जी ड्रिंक मुहैया करवा रहे थे भारत का भी स्टाल था पर वहन कोई नहीं था और नहीं पानी मौजूद था ना एनर्जी ड्रिंक, आठ किलोमीटर दौड़ने के बाद रियो आयोजकों के एक स्टाल पर मुझे पानी मिल सका लेकिन उसे कोई मदद नहीं हो सकी मै लगभग तीन घंटे तक लगातार बिना पानी के दौड़ती रही | रेस पूरी होते ही मई बेहोश हो गयी मुझे लग रहा था मै मर जाउंगी |

मेरे कोच मुझे लेकर अस्पताल गए वहां डॉ. से उनकी बहस हो गयी मै मर सकती थी और उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा था वो क्या करते ? उनके इस व्यवहार के कारण स्थानीय पुलिस ने आधे दिन के लिए उन्हें हिरासत में ले लिया था |

इन सारी बातों के सामने आने के बाद खेल मंत्री से लेकर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया तक सफाई दे रहे हैं और अपनी गलती छुपाने के लिए दोष दूसरों पर डालने का सिलसिला जारी है, मंत्री जी का कहना है कि फेडरेशन की गलती है हमारी नहीं, फेडरेशन कह रहा है कोच और खिलाड़ी की गलती है हमारी नहीं | फेडरेशन का कहाँ है कि कोच के द्वारा उन्हें इस तरह के किसी ड्रिंक या किसी व्यस्था की ज़रुरत के सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं थी |

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY