भारतीय नौ-सेना ने अपने पुराने हो चुके सी-हरियर्स लड़ाकू विमानों को आज रिटायर कर दिया

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गोवा- 33 सालों से लगातार भारतीय नौ-सेना की सेवा कर रहे सी-हरियर्स विमानों को आज पूर्णतः नौ सेना से रिटायर कर दिया गया है और इनकी जगह नए सुपर सोनिक विमान मिग-29के को दे दी गयी है | जानकारों का मानना है कि अब सुपरसोनिक मिग-29के नौ सेना के बेड़े में शामिल हो जाने के बाद भारतीय नौ सेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी | भारतीय नौ सेना की ताकत को बढ़ाना अत्यधिक आवश्यक भी था क्योंकि आजकल चीन हिंदमहासागर पर अपनी गन्दी नजरें गडाए हुए बैठा है और शायद इसी लिए चीन पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को विकसित करने का काम भी काफी तेजी से कर रहा है |

नौ सेना में मिग-29के के शामिल होने से उड़ गए पाकिस्तान और चीन के होश –
इतनी जल्दी किसी ने नहीं सोचा था कि भारतीय नौ-सेना को इतना मजबूत कर दिया जाएगा और उसके बेड़े में रूस में बने सुपर सोनिक फाइटर जेट मिग-29 के को शामिल किया जाएगा लेकिन आज भारतीय नौ सेना के चीफ आरके धवन की उपस्थित में ऐसा हुआ और बूढ़े हो चुके 33 साल से भारतीय नौ सेना की सेवा कर रहे सी हैरियर्स को रिटायर कर दिया गया और उनकी जगह पर मिग -29के को शामिल कर लिया गया है |

1983 में ब्रिटेन से ख़रीदे गए थे सी हैरियर्स –
बता दें की भारतीय नेवी ने वर्ष 1983 में सी हरियर्स को ब्रिटेन से ख़रीदा था | जब इंडियन नेवी सी-हैरियर्स को ख़रीदा था तब इनकी संख्या कुल 30 थी लेकिन अब इनकी कुल संख्या केवल 15 ही बची है | क्योंकि बाकी के सी-हैरियर्स क्रैश हो चुके है और इन दुर्घटनाओं में 8 इंडियन पायलटों ने अपनी जान का बलिदान भी दिया है | बता दें कि सी हरियर्स काफी पुराने हो चुके थे और आज के समय में जिस कपंनी ने सी-हैरियर्स को बनाया था वो अब इसके पार्ट्स भी नहीं बनाती है जिसके लिए समस्याएं और हो सकती है |
सी हैरियर्स को उड़ाना अन्य विमानों की तुलना में बहुत मुश्किल है
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर के धवन गोवा के वास्को में आईएनएस हंसा बेस में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इसी कार्यक्रम में 33 साल तक देश की सेवा कर चुके सी हैरियर्स को विदायी दी गई। आज हुए इस कार्यक्रम के दौरान अपनी अंतिम प्रस्तुति में सी हैरियर्स ने आईएनएस हंसा में लैंड करने का एक फॉर्मेशन बनाया। एडमिरल धवन ने अपने संबोधन में कहा, “बहुभूमिका वाले सुपरसोनिक मिग-29.के को 300 स्क्वाड्रन में शामिल करते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है। भारतीय नौसेना में यह बहुभूमिका वाली प्रौद्योगिकी लेकर आया है।” उन्होंने सी हैरियर्स उड़ाने वाले सभी पायलटों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। समझा जाता है कि सी हैरियर्स को उड़ाना अन्य विमानों की तुलना में बहुत मुश्किल है। भारतीय नौसेना में पुराने हो चुके तत्कालीन सी हॉक्स विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाए जाने के बाद सी हैरियर्स को शामिल किया गया था।

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