भारतीय मूल के अनमोल का दावा, उनका सर्च इंजन गूगल से 47% अधिक सटीक परिणाम देता है

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भारतीय मूल कनाडा में रहने वाले 16 वर्षीय अनमोल तुक्रेल ने एक व्यक्तिगत सर्च इंजन बनाया जिसके बारे में यह दावा किया जा रहा है कि गूगल से 47% अधिक सटीक और औसतन 21% अधिक सटीक है |

तुक्रेल जिन्होंने अभी-अभी 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है को इसे बनाने में कुछ महीनों का वक़्त लगा, इसकी कोडिंग में उन्हें करीब 60 घंटे का समय लगा जिसे उन्होंने गूगल साइंस फेयर (एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता जो की 13 से 18 साल के बच्चों के लिए होती है) में शामिल करने के लिए बनाया था

तुक्रेल कहते हैं “मैंने सोचा मै व्यक्तिगत सर्च इंजन के क्षेत्र में कुछ करूंगा पर जब मुझे पता चला गूगल पहले से ही ऐसा क्र रहा है तो मैंने इसे अगले स्तर पर लेजाने का प्रयास किया तुक्रेल बंगलुरु की adtech फर्म आइसक्रीम लैब में दो हफ़्तों के इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए भारत में ही थे |

तुक्रेल के फेरबदल के सामान में एक कंप्यूटर जिसमें की लगभग 1 गीगाबाइट का मुफ्त स्टोरेज स्पेस, एक पाइथन-लैंग्वेज डेवलपमेंट का माहौल, एक स्प्रेडशीट प्रोग्राम और गूगल तथा न्यू यॉर्क टाइम्स तक पहुँच शामिल हैं |

प्रत्येक सर्च इंजन की सटीकता की जांच के लिए उसने अपने सवालों को इस वर्ष के न्यू यॉर्क टाइम्स के लेखों तक सीमित क्र दिया उसने अलग-अलग दिलचस्पी की वेब हिस्ट्री वाले कई सारे झूठे यूजर बनाये उसके बाद तुक्रेल ने यह जानकारी गूगल और अपने सर्च इंजन पर फीड कर दी और अंत में दोनों सर्च इंजन के परिणामों की तुलना की गयी |

आज के समय में सर्च का निजीकरण निम्न चीजों पर आधारित है, जैसे : लोकेशन, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, और फ़ोन में किस तरह के app इंस्टाल किये गए हैं किन्तु यह समीकरण का सिर्फ एक पक्ष है तुक्रेल का दावा है कि उनकी कलन विधि इसके दूसरे पक्ष को भी समझती है, यह सर्च के लिए दिए गए टेक्स्ट का पूरी तरह अवलोकन करके उचित परिणाम दिखाती है, यूजर की पूर्व हिस्ट्री से सम्बन्ध स्थापित करने से पहले यह दिए गये टेक्स्ट को पूरी तरह समझती है |

तुक्रेल जब तीसरी क्लास में पढ़ते थे तभी उन्होंने कोडिंग करना सीख लिया था और बाद में गणित और कोडिंग को और बेहतर करते गये |

अब तुक्रेल stanford university से कंप्यूटर साइंस पढना चाहते हैं लेकिन उससे भी पहले वह अपनी तकनीकी पर आधारित एक न्यूज़ अग्रीगेटर विकसित कर उसे कुछ डिजिटल मार्केटिंग एजेंसीज के साथ जोड़ना चाहते हैं |

तुक्रेल कहते हैं की अगर सच कहूँ तो स्कूल छोड़ने का विचार पूरी तरह से बेवकूफी है, और यह सोचना कि मेरी योजना इतनी अच्छी है की अब मुझे आगे पढने की ज़रूरत ही नही, पूरी तरह से गलत |

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