भारतीय मूल के डॉ. अनंत मूर्ति ने वैश्विक चिकित्सा क्षेत्र में रचा इतिहास

0
194
भारतीय मूल के डॉ. ने बच्चे को दिया कानों का तोहफा, रचा इतिहास
भारतीय मूल के डॉ. ने बच्चे को दिया कानों का तोहफा, रचा इतिहास

भारतीय अमेरिकी डॉक्‍टर ने इतिहास रचा है। अमेरिका में भारतीय मूल के एक डॉक्टर ने सफलतापूर्वक एक आठ साल के एलाइजा बेल में रिब कार्टिलेज से बाहरी कान को बनाया है। ओहियो का रहने वाला एलाइजा बेल सेकंड ग्रेड का स्‍टूडेंट है।

वह जन्‍म से ही बाईलैट्रल एट्रीसिया माइक्रोटिया से पीड़ित थे जिसकी वजह उसके बाहरी कान विकसित नहीं हुए थे और बेल के मामले में मध्‍य और आंतरिक कान खुले नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें सुनने में भी दिक्कत होती थी |

डॉ. मूर्ति ने एलाइजा की सर्जरी चार वर्ष पहले ही शुरू कर दी थी। इस दौरान एलाइजा के पांच ऑपरेशन हुए थे। सर्जरी के दौरान डॉ. मूर्ति ने रोगी के कानों के अधूरेपन को दूर करने के लिए उसकी जांघ से भी मांस लिया था। पिछले महीने 28 जुलाई को अंतिम सर्जरी के बाद ही एलाइजा के कानों को पूरा आकार मिला है।

बेल की आखिरी सर्जरी 28 जुलाई को एक्रॉन चिल्‍ड्रेन्‍स हॉस्पिटल में हुई, जहां उसके बाहरी कान को आकार दिया गया। बिल की मां कॉलीन ने बताया कि हम इसे अपने परिवार के लिए चमत्‍कार मानते हैं। हमने बेल के अंदर जो बदलाव देखे हैं, वे वास्‍तव में अनोखे हैं। उसके मध्‍य और आंतरिक कान सामान्‍य रूप से विकसित हैं, जिसके कारण अब वह सुन सकता है। पहले बाहरी कान बंद हाने के कारण वह सुन नहीं पाता था।

उल्लेखनीय है कि अनंत मूर्ति ने अपनी अंडरग्रेजुएट की डिग्री केवल 19 वर्ष की उम्र में ही पूरी कर ली थी। इसके बाद उन्होंने सिर्फ 22 वर्ष की आयु में डॉक्टरी की डिग्री भी हासिल कर ली थी।

http://saimtech.it/wp-content/jackpot-block-b-piano-sheet/ Jackpot block b piano sheet अखंड भारत परिवार Demographics casino goers   बेहतर भारत निर्माण के लिए प्रयासरत है, आप भी इस प्रयास में फेसबुक के माध्यम से अखंड भारत के साथ जुड़ें, आप अखंड भारत को ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

Image Courtesy – Patrikanews

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

18 + nineteen =