इंडियन पीनल कोड में धारा 35

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धारा 35- जब कि ऐसा कोई भी कार्य इस कारण से आपराधिक है कि वह आपराधिक ज्ञान या आशय के साथ किया गया हो |
जब कभी कोई कार्य, जो आपराधिक ज्ञान या आशय से किये जाने के कारण आपराधिक है, कई ब्यक्तियों के द्वारा किया जाता है, तब ऐसे ब्यक्तियों में से हर एक ब्यक्ति जो ऐसे ज्ञान और आशय के साथ उस कार्य में सम्मिलित होता है, उस कार्य के लिए उसी प्रकार दायित्त्व के अधीन होता है मानों वह कार्य उस ज्ञान और आशय के साथ उस अकेले के द्वारा ही किया गया हो |

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