क्या कहती है इंडियन पीनल कोड की धारा 295 ए

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295ए- विमर्शित और विद्वेषपूर्ण कार्य जो किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किये गए हो या किया गया हो |

जो कोई भी ब्यक्ति भारत का नागरिको के किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहात करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान उच्चारित या लिखित शब्दों द्वारा या फिर संकेतों द्वारा या फिर द्रश्यरूपनों द्वारा या अन्य किसी भी तरह से करेगा या फिर करने का प्रयत्न करेगा वह दोनों में से किसी भी भाँती के कारावास से जिसकी अवधि 3 वर्ष तक की हो सकेगी या फिर जुर्माने से या फिर इन दोनों से ही दण्डित किया जाएगा |

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