चीन की कोशिशें नाकाम, NSG में भारत की एंट्री पक्की करने के लिए अमेरिका ने सदस्य देशों के साथ मिलकर बनाया प्लान ‘बी’

0
130095

obama

NSG समूह में भारत की सदस्यता को लेकर चीन और अमेरिका आमने – सामने आ गए हैं  | भारत की NSG सदस्यता को लेकर चीन के बयान के बाद अमेरिका ने एकबार फिर समूह में शामिल राष्ट्रों से भारत का समर्थन करें की अपील की है अमेरिका ने सदस्य देशों से कहा है कि सियोल में होने वाली बैठक में सभी देश भारत के आवेदन पर विचार करें और उसे समर्थन दें |

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जॉन अर्नेस्ट ने कहा “भारत इस समूह में शामिल होने के लिए पूरी तरह से तैयार है, और अमेरिका निश्चित रूप से भारत की वकालत करेगा |

इसे भी पढ़ें – NSG मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी अब भारत के साथ कहा चीन से करूँगा बात किस आधार पर कर रहा है भारत का विरोध

पीएम modi और अमेरिका की कोशिश के चलते 48 में से 29 देश भारत को समर्थन देने को तैयार हैं | भारत की सदस्यता पर अड़ंगे लगाने के पीछे चीन की मंशा को सारा विश्व समझ रहा है | ऐसे में इन देशों ने अमेरिका के साथ मिलकर प्लान बी भी बनाया है, प्लान बी के तहत एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो एनपीटी यानी नॉन प्रॉलिफरेशन ट्रीटी पर साइन न करने वालों को एनएसजी में एंट्री के लिए खाका तैयार करेगा। इस प्‍लान के पीछे मकसद यह है कि सिओल में कम-से-कम भारत की सदस्‍यता को लेकर चर्चा तो हो।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जून को विएना में एक बैठक हुई थी। इसमें सदस्यता के लिए भारत का आवेदन स्‍वीकार कर लिया गया है। इसका मतलब ये कि भारत की सदस्‍यता पर सिओल में चर्चा हो सकता है।

24 जून को सिओल में होने वाली एनएसजी की बैठक से पहले 23 जून को पीएम मोदी उज्बेकिस्तान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री चीनी राष्ट्रपति को मनाने की आखिरी कोशिश जरूर करेंगे।

सम्बंधित ख़बरें…

मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भारत के लिए समर्थन मांग रहे ओबामा |

NSG सदस्यता मामले में भारत को एक और सफलता, न्यूज़ीलैंड ने अपना रुख बदला |

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY