पंचायत भवन निर्माण में हुए गोलमाल के लिए सीएम से गुहार लगाएंगे इन्द्रजीत

0
85

बलिया (ब्यूरो)- नगरा ब्लाक के ग्राम पंचायत खैरानिस्फी मे पंचायत भवन के निर्माण मे हुए गोलमाल व मिड डे मिल मे हुई बंदरबांट का आरोप शाबित होने के बाद भी आरोपी ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कोई कार्यवाई न होने से क्षुब्ध शिकाययकर्ता इंद्रजीत तिवारी ने प्रदेश के सीएम से गुहार लगाई है।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई मे फरियाद करने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत मे आ गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीपीआरओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। पिछली सपा सरकार मे पांच वर्ष तक घोटाले के आरोपियो पर कार्यवाई की मांग को लेकर अधिकारियो के चौखट पर दस्तक देते देते थक चुके शिकायत कर्ता को प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से न्याय मिलने की आश जगी है।

उक्त ग्राम पंचायत मे आधा अधूरा पडा पंचायत भवन भारी घपले की कहानी बयां कर रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 4 सितंबर 2012 को तहसील दिवस पर दिए गए शिकायती पत्र की तत्कालीन उपजिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच की ।

उपजिलाधिकारी को प्रेषित जांच आख्या मे तत्कालीन बीडीओ ने उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत के भवन निर्माण हेतु तत्कालीन ग्राम पंचायत को 2.84 लाख प्राप्त हुए थे। तत्कालीन ग्राम प्रधान व सचिव हेमन्त कुमार द्वारा पंचायत भवन निर्माण मे लापरवाही बरती गई है। शासन द्वारा भवन निर्माण की लागत 3.16 लाख निर्धारित की गई थी।

ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा संबंधित वित्तीय वर्ष मे भवन निर्माण नही कराया गया। बाद मे प्रकरण की जन शिकायते होने पर आनन फानन मे भवन की दिवाल चिनवा कर उस पर छत डाल दिया गया। भवन मे फर्श , दिवाल का प्लास्टर , दरवाजा एवं खिडकी आदि कार्य पूर्ण न कराकर अपूर्ण हालत मे छोब दिया गया। जिसके कारण भवन की बिल्डिंग अनुपयोगी खंडहर के रुप मे पडी हुई है।

बीडीओ ने अपनी जांच आख्या मे यह भी कहा है कि उक्त धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए व्यय की गई धनराशि 2.84 लाख की वसूली प्रधान व सचिव हेमंत कुमार से किए जाने हेतु जिला पंचायतराज अधिकारी बलिया के स्तर से किया जाना अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई मे प्रेषित शिकायती पत्र मे शिकायतकर्ता ने कहा है कि तत्कालीन जिलाधिकारी डा. मुत्थू कुमार स्वामी ने सीडीओ को प्रकरण की जांच कर कार्यवाई करने का निर्देश दिया था। उक्त आदेश के क्रम मे तत्कालीन सीडीओ ने दो सदस्यीय जाच टीम गठित कर एक सप्ताह मे जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।

किंतु पूर्ववर्ती सपा सरकार के जनप्रतिनिधियो के दबाव मे एक सप्ताह के बजाय 32 माह बाद भी मिड डे मिल मे गबन 55.58 क्विंटल खाद्यान्न , 83255 रुपए कनवर्जन मनी तथा पंचायत भवन के लिए आहरित 2.84 लाख रुपए का गबन सिद्ध होने के बाद भी जिलापंचायत राज अधिकारी कार्यालय द्वारा प्रकृण को दबा दिया गया तथा मुझे बार बार कार्याँलय बुला कर.सुलह समझौता कराने पर दबाव दिया जाता रहा। शिकायतकर्ता ने चेताया है कि आरोपियो के विरुद्ध यदि शीघ्र कार्यवाई नही हुई तो वे मुख्यमंत्री जनता दरबार मे पहुंच कर न्याय हेतु गुहार लगाएगे।

रिपोर्ट-सन्तोष कुमार शर्मा

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY